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ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली सप्लाई धड़ाम

Wed, 23 Mar 2016 12:19 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो/हरदोई
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ट्रांसफार्मर - फोटो : अमर उजाला
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हरदोई। मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने नगर क्षेत्र को 20 और ग्रामीण क्षेत्रों को 16 घंटे बिजली आपूर्ति की घोषणा की थी लेकिन इस पर अमल नहीं हो पा रहा है। नगर क्षेत्र की सप्लाई में सुधार हुआ लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों की स्थित और भी खराब हो गई। इस वक्त किसान को फसल की सिंचाई के  लिए पानी की जरूरत है लेकिन बिजली न आने से नलकूप बंद हैं। ऐसे में किसान को निजी संसाधनों पर निर्भर रहना पड़ रहा है। हैरत की बात यह है कि किसानों की पीड़ा सुनने के लिए जनप्रतिनिधि भी क्षेत्र में नही जा रहे हैं। पेश है जिले के 19 विकास खंड क्षेत्रों की हकीकत बताती रिपोर्ट।
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सदर तहसील क्षेत्र
अहिरोरी ब्लाक क्षेत्र में बघौली फीडर से 9:30 घंटे बिजली की सप्लाई दी गई। वहीं, मतुआ फीडर, बतवखेड़ा फीडर और विक्टोरियागंज फीडर से 24 घंटे में मात्र 1:50 घंटा सप्लाई दी गई। हरियावां क्षेत्र में शाम छह बजे से सुबह पांच बजे तक सप्लाई मिल रही है इसमें भी लोकल फाल्ट के चलते सप्लाई बाधित हो जाती है। वहीं दिन में सप्लाई नहीं मिल पा रही है। सुरसा क्षेत्र में रात 11 से सुबह पांच बजे तक और दिन में सुबह 9:30 से 5:30 बजे तक सप्लाई मिलनी चाहिए लेकिन दिन की सप्लाई तेज हवाओं के चलते बंद कर दी जाती है। टड़ियावां क्षेत्र में 24 घंटे में सात घंटे सप्लाई मिल सकी। वहीं, ग्रामीण इलाके की स्थित और भी खराब है। बावन कस्बा में तो आठ घंटे लेकिन ग्रामीण क्षेत्र में बमुश्किल छह घंटे सप्लाई मिल पा रही है।

सवायजपुर तहसील क्षेत्र
तहसील क्षेत्र के ग्रामीण इलाकों में विद्युत सप्लाई की दयनीय स्थित है। रात में सवायजपुर में सप्लाई मिल रही है लेकिन दिन में 11 से छह बजे के बीच मात्र एक घंटे ही सप्लाई मिल पा रही है। आलम यह है कि हरपालपुर क्षेत्र में 24 घंटे से बिजली गुल है। जिसके चलते किसान सिंचाई के लिए परेशान हैं। इधर, बरसोहिया गांव में सोमवार की रात नौ बजे से 12 बजे तक सप्लाई मिली फिर बिजली गुल हो गई। वहीं, पाली नगर क्षेत्र में 24 घंटे में मात्र एक घंटे बिजली सप्लाई मिली। सोमवार को सुबह गई बिजली मंगलवार को सुबह चार बजे आई इसके बाद पांच बजे फिर चली गई। बिजली कटौती से उपभोक्ता परेशान हैं।
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शाहाबाद तहसील क्षेत्र
तहसील मुख्यालय पर 14 घंटे सप्लाई मिल रही है, लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों में बमुश्किल सात घंटे सप्लाई मिल पा रही है। आलम यह है कि करीब 25 गांवों में उधरनपुर, उर्वा तितरिया, परियल, नसीरपुर, गढे़पुर, सोदाननगर, जटपुरा, घुराहा और अहिगवां की बिजली तीन दिनों से बंद है। जिसके कारण किसान सिंचाई के लिए परेशान हैं। उधर, पिहानी नगर में शाम 4:30 से 6:30 बजे तक और रात 11 बजे से सुबह 8 बजे तक सप्लाई दी जा रही। लेकिन इस क्षेत्र के ग्रामीण इलाके में छह से सात घंटे प्रतिदिन बिजली मिल पा रही है। इधर, टोडरपुर में आठ घंटे व इससे लगे ग्रामीण इलाकों में बमुश्किल छह घंटे बिजली सप्लाई मिल पा रही है। कल से सप्लाई तेज हवाओं के चलते बंद कर दी गई है जिससे किसान सिंचाई के लिए परेशान हैं।

बिलग्राम तहसील क्षेत्र
नगर क्षेत्र मेेें रात 11 से सुबह नौ बजे तक सप्लाई मिल रही है, लेकिन दिन में 12:30 से 6:30 बजे के बीच करीब दो से तीन घंटे की कटौती हो रही है ग्रामीण क्षेत्र की स्थित और भी खराब है। तेज हवाओं के चलने से कई इलाकों में 24 घंटे से बिजली गुल है। इधर, सांडी क्षेत्र में तीन दिनों से बिजली की अघोषित कटौती चल रही है। सोमवार की रात 10 बजे से सुबह चार बजे तक सप्लाई मिली। फिर सुबह आठ से नौ बजे तक सप्लाई दी गई फिर बिजली गुल हो गई। ग्रामीण क्षेत्रों की स्थित और भी दयनीय है। माधौगंज क्षेत्र में बमुश्किल चार से छह घंटे सप्लाई मिल रही है। उधर, मल्लावां ग्रामीण क्षेत्र में रात एक बजे से सुबह छह बजे तक सप्लाई दी जा रही है इसमें भी लोकल फाल्ट हो जाने से घंटों सप्लाई बाधित रहती। हकीकत मेें चार से पांच घंटे बिजली मिल पा रही है।

संडीला तहसील क्षेत्र
नगर क्षेत्र में 14 घंटे सप्लाई दी जा रही लेकिन ग्रामीण इलाकों की स्थित दयनीय है आलम यह है कि बेहंदर क्षेत्र में 24 घंटे में चार घंटे सप्लाई मिली। वहीं, कछौना क्षेत्र में आठ से 10 घंटे सप्लाई दी गई। लेकिन उपकेंद्र की ओसीबी खराब होने के कारण अक्सर फाल्ट हो जाता जिससे सप्लाई बाधित रहती है। बेनीगंज क्षेत्र में रात में दो घंटे और मंगलवार को 15 मिनट सप्लाई दी गई। जिससे किसान से लेकर आम आदमी परेशान हैं। उधर, भरावन क्षेत्र में स्थित और भी खराब है किसानों को निजी नलकूप मालिकों से ऊंची दर पर पानी लेकर खेत में फसल को सींचना पड़ रहा है।

वर्जन
बिजली आपूर्ति के घंटों का फैसला पावर कारपोरेशन से किया जाता है, जनपद के ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति न होने के मामले में मुख्य अभियंता से सटीक जानकारी मिल सकती है, उच्चाधिकारियों से इस मामले में वार्ता की जाएगी। - योगेश कुमार, अधीक्षण अभियंता
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