हरदोई। कोरोना से जंग में दवा, अनुशासित दिनचर्या और खानपान का जितना महत्व है, उतनी ही जरूरत मन को खुश और स्वस्थ रखने की है। मन की जीत से बीमारी को आसानी से हराया जा सकता है। यही संदेश दे रहे हैं जिले के वो चिकित्सक, जिन्हें कोरोना संक्रमित पाए जाने पर मलिहामऊ के क्वारंटीन सेंटर में रखा गया है। पढ़ने-लिखने, फोन पर मरीजों को चिकित्सकीय राय देने के साथ आपसी चकल्लस से खुशनुमा वातावरण तैयार करना इन सबकी प्राथमिकता है।
जिले के वरिष्ठ चिकित्सकों में शुमार डॉ. अजय सिंह, डॉ. अंकित द्विवेदी, डॉ. लाल खान, डॉ. जीवी सिंह, डॉ. जीशान सहित चिकित्सा कर्मी विपिन त्रिवेदी कोरोना पॉजिटिव पाए जाने के बाद से क्वारंटीन सेंटर में हैं। लगभग नौ दिन की अवधि में इन लोगों ने इस क्वारंटीन सेंटर का माहौल और सेंटरों से एकदम अलग कर दिया। कोई चिकित्सक इस अवधि को पढ़ने में इस्तेमाल कर रहा है तो कोई कविता या अनुभव लिखने में। पुराने मरीजों की कॉल आ जाने पर फोन से ही चिकित्सकीय सलाह भी दे रहे हैं।
डॉ. अजय व डॉ. अंकित कहते हैं कि सामान्य दिनों में काम के बीच खुद को समझने और समझाने का वक्त नहीं मिलता था। भले क्वारंटीन हैं लेकिन मिले वक्त का सकारात्मक उपयोग कर रहे हैं। डॉ. अंकित का कहना है कि संगीत और मस्ती थेरेपी की तरह है। मन मगन कर देती है। मन प्रसन्न होने से शारीरिक क्षमता भी बढ़ती है।
क्वारंटीन सेंटर में चिकित्सकों द्वारा तैयार किए गए खुशनुमा माहौल और खाली समय में संगीत पर थिरकने के वीडियो सोशल मीडिया पर भी वायरल हो रहे हैं। देखने वाले मान रहे हैं कि क्वारंटीन सेंटर या आइसोलेशन की अवधि को सजा की तरह क्यों लिया जाए। हंसते-हंसाते जीने से मन और शरीर मजबूत होंगे, रोग से जीत आसान होगी।
देखरेख में डॉ. व्योम भी भर रहे जोश
हरदोई। चिकित्सक डॉ. व्योम मिश्रा को क्वारंटीन सेंटर के लोगों की देखरेख की जिम्मेदारी दी गई है। वह दवा-उपचार के साथ सकारात्मक माहौल बना रही डॉक्टरों की टीम को समय-समय पर उत्साहित करते हैं। जोश बढ़ाने का कोई मौका नहीं छोड़ते।
प्रेत कोरोना का सर्वनाश करवाइए...
हरदोई। डॉ. अंकित द्विवेदी कविताएं भी लिखते हैं। क्वारंटीन सेंटर में रहते उन्होंने दो रचनाएं तैयार कर लीं। एक में कोरोना के खात्मे का संकल्प है। लिखा है- देश जनता का हित विद्यमान मन में जो, प्रेत कोरोना का सर्वनाश करवाइए।