जिले में बीती रात आए तेज आंधी-तूफान और पानी ने
बिजली की लाइनोें को जहां क्षतिग्रस्त किया, वहीं पिहानी क्षेत्र में
विद्युत पोल उखड़ गए। इससे फसलों और आम के बौर को भारी नुकसान पहुंचा।
बेमौसम बारिश से किसानों की नींद उड़ गई।
बीती रात करीब ढाई बजे आंधी
के साथ हुई तेज बारिश से मौसम ने फिर पलटा मारा। नगर के लखनऊ रोड पर एक
पेड़ पर एचटी लाइन के गिरने से तार टूट गए, जिससे चलते विद्युत आपूर्ति
बाधित हो गई। काफी मशक्कत के बाद सुबह बिजली लाइन को ठीक किया गया।
इधर,
पिहानी में तेज गरज के साथ पानी बरसा। इस बीच हवाओं में तेजी बढ़ती रही,
जिससे फसलों को नुकसान पहुंचा। इलाके के सलेमपुर गांव में भी तेज हवाओं के
कहर से जहां बिजली पोल उखड़ गया, वहीं जहानीखेड़ा चौकी क्षेत्र में कई
स्थानों से पेड़ और पोल गिरने की खबरें मिली हैं।
सलेमपुर में चंद्रकांत
द्विवेदी के मकान के निकट नीम का भारी पेड़ गिरने से बड़ा हादसा होते होते
बचा। किसानों के अनुसार, खेत मेें खड़ी गेहूं, मटर, मसूर, सरसों की फसलें
पूरी तरह से बर्बाद हो गईं। यही हाल कसबा और आसपास के गांवों का रहा।
किसानों ने बताया कि फसल पूरी तरह से बर्बाद हो चुकी हैं और आम के बौर को
भी इस बेमौसम आंधी-पानी ने भारी क्षति पहुंचाई है। हवाओं के चलते विद्युत
व्यवस्था भी चरमरा कर रह गई और पिहानी में भी सुबह काफी देर से आपूर्ति
शुरू की जा सकी। उधर, संडीला में तेज आंधी के कारण खेतों मेें कटी पड़ी
फसल उड़ गई।
मौसम खुलने के बाद पूरे दिन किसान आंधी से बिखरी फसल को इकट्ठा
करते दिखाई पडे़। उधर, तेज आंधी से कई पेड़ उखड़ गए या उनकी मोटी मोटी
डाले टूटकर जमीन पर आ गिरी। सबसे अधिक नुकसान बिजली की लाइनों पर पड़ा।
आंधी के कारण खंभों के तार क्षतिग्रस्त हो गए तथा इमलिया बाग पावर हाउस को
जा रही 132 केवी की लाइन भी लखनऊ रोड के सामने क्षतिग्रस्त हो गई। तार
एक दूसरे में लिपट गए। यह लाइन अभी तक चालू नहीं हो पाई है, जबकि पूरे दिन
बिजली कर्मचारी फाल्ट को ठीक करने में लगे रहे, जिससे लोगों को
बहुत कम बिजली मिल पायी।
इधर, इसी क्षेत्र के ठकुरी खेडा गांव निवासी रमेश
के घर के पास जली आग की चिंगारी आंधी के दौरान उसके छप्पर पर जा गिरी,
जिससे उसका घर जलने लगा। आग की लपटें देख गांव में चीख पुकार मच गई। आनन
फानन में लोगों ने पानी डालकर आग पर काबू पाया।
इस घटना मेें करीब 15 हजार
का सामान जलकर राख हो गया। उधर, हरपालपुर के कटियारी क्षेत्र मेें आंधी से
खासा नुकसान हुआ। बरनई गांव के रावेंद्र सिंह, शिवपाल सिंह, देवेंद्र सिंह,
अरविंद कुमार आदि ने बताया कि खेतों में जो फसल शेष बची थी, वह भी कुदरत
की मार से बच नहीं पा रही।