फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

हरदोई: गंगा में उतराते मिले तीनों शवों का पुलिस ने कर दिया गुपचुप अंतिम संस्कार, उठ रहे सवाल

Sun, 13 Jun 2021 09:39 PM IST
शिखा पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हरदोई

सार

अनौपचारिक बातचीत में पुलिस अफसरों का यह भी कहना था कि संभवत: तीनों का जल प्रवाह हुआ होगा और बहते हुए यहां तक आ गए। अब अहम सवाल यह है कि अगर जलप्रवाह किया भी गया तो तीनों शव बाकायदा कपड़े कैसे पहने हुए थे।
विज्ञापन
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : सोशल मीडिया
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

हरदोई जिले में अरवल थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पतारपुरवा के निकट गंगा नदी में शनिवार रात उतराते मिले तीनों शवों का पुलिस और प्रशासन ने संयुक्त रूप से अंतिम संस्कार कर दिया। अंतिम संस्कार किए जाने की भनक किसी को भी नहीं लगने दी गई।
विज्ञापन


पुलिस का दावा है कि शव बेहद पुराने थे और सड़ चुके थे। कहीं से बहकर आ गए थे और इनकी पहचान संभव नहीं थी। इसलिए एसडीएम की मौजूदगी में अंतिम संस्कार कर दिया गया। शनिवार रात अरवल थाना क्षेत्र के ग्राम पतारपुरवा के निकट गंगा किनारे गए कुछ लोगों ने एक अधेड़ का शव किनारे पर लगा देखा।

कुछ ही दूरी पर गंगा में एक महिला और एक बालक का भी शव उतरा रहा था। इसकी सूचना ग्रामीणों ने अरवल पुलिस को दी, तो पुलिस मौके पर पहुंची। इसी दौरान गंगा नदी के दूसरी ओर स्थित कन्नौज जनपद के बदनापुर गांव के ग्रामीणों को भी शव मिलने की जानकारी मिली, तो कन्नौज जनपद के नौरंगपुर पुलिस चौकी से भी पुलिस कर्मी मौके पर पहुंच गए।
विज्ञापन


अपर पुलिस अधीक्षक पश्चिमी कपिल देव सिंह भी मौके पर पहुंचे। इसके बाद रात में तीनों शव निकलवा लिए गए। तड़के ही तीनों शवों का अंतिम संस्कार भी गंगा किनारे कर दिए जाने का दावा पुलिस और प्रशासन ने किया है।

एसपी अजय कुमार ने बताया कि शव काफी पुराने थे और इनकी पहचान कराना असंभव था ऐसे में ग्राम प्रधान, एसडीएम सवायजपुर दीपक वर्मा की मौजूदगी में तीनों शवों का अंतिम संस्कार कर दिया गया। उधर दूसरी ओर एसडीएम सवायजपुर दीपक वर्मा ने बताया कि तीनों शव किसी अन्य जिले से बहकर आए थे।

साहब, कपड़े पहनाकर नहीं किया जाता जल प्रवाह
अनौपचारिक बातचीत में पुलिस अफसरों का यह भी कहना था कि संभवत: तीनों का जल प्रवाह हुआ होगा और बहते हुए यहां तक आ गए। अब अहम सवाल यह है कि अगर जलप्रवाह किया भी गया तो तीनों शव बाकायदा कपड़े कैसे पहने हुए थे। हिंदू मान्यताओं के अनुसार कपड़े पहनाकर जलप्रवाह नहीं किया जाता। इससे इतर अगर शव कोरोना संक्रमितों के थे, तो यह और भी बड़ी बात थी, जिसकी जांच तक से परहेज किया गया।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें