शहर में अतिक्रमण अभियान के दौरान शुक्रवार को नगर
मजिस्ट्रेट, पुलिस और पटरी दुकानदारों के बीच तीखी नोकझोंक हुई। कई बार
पुलिस को डंडे फटकार कर विरोध करने वालों को खदेड़ना पड़ा। इस बीच एक
दुकानदार सीओ सिटी से भिड़ गया, तो पुलिस ने उस पर डंडे बरसाए।
इस दौरान
नुमाइश चौराहे से बिलग्राम चुंगी तक का अतिक्रमण हटाया गया और पुन:
अतिक्रमण न करने की चेतावनी दी गई। शहर में यातायात व्यवस्था को सुचारु
चलाने को सड़क किनारे से अतिक्रमण हटाने का कार्य चल रहा है। शुक्रवार को
सिटी मजिस्ट्रेट लक्ष्मी शंकर सिंह व सीओ रामलाल राय की अगुवाई में नुमाइश
चौराहे से अतिक्रमण हटाने का अभियान शुरू किया गया।
नुमाइश चौराहे से
घंटाघर रोड पर रखे खोखो को गुरुवार को चेतावनी के बाद भी न हटाने पर तोड़ने
की कार्रवाई शुरू की गई, जिस पर एक पटरी दुकानदार पुलिस कर्मी से भिड़
गया। जिसे शहर कोतवाली व सीओ सिटी ने समझाने का प्रयास किया, जिस पर वह
उग्र हो गया।
इस पर उसके ऊपर सीओ ने डंडा उठाया तो उसने पकड़ लिया। जिस पर
उसकी पुलिस कर्मियों ने पीट दिया। दुकानदार के पक्ष में अन्य पटरी दुकानदार
आ गए, जिस पर पुलिस कर्मियों ने उनको खदेड़ दिया। इससे वहां पर काफी देर
तक हंगामा होता रहा। इसी बीच एक दुकानदार ने टूटे खोखे के मलबे में आग लगा
दी।
इससे वहां पर हड़कंप मच गया। जिसको पालिका कर्मियों ने पानी डाल कर
बुझाया। उधर, घंटाघर मार्ग पर रखी सभी छोटी-बड़ी गुमटी को तोड़कर उसके मलबे
को भरकर पालिका भिजवा दिया गया। इस दौरान एक पटरी दुकानदार जब दुकान के
बाबत कुछ कागजात दिखाने आया तो उसको सिटी मजिस्ट्रेट ने अड़े हाथों लिया और
खरी खोटी सुनाई।
इसके बाद नुमाइश चौराहे से बिलग्राम चुंगी तक सड़क किनारे
के अतिक्रमण को हटाया गया। जिसमें कई दुकानदारों पर अतिक्रमण करने पर
जुर्माना लगाया गया और दोबारा अतिक्रमण न करने पर चेतावनी दी गई। इस मौके
पर शहर कोतवाल नागेश मिश्र, सुरसा एसओ बृजेश त्रिपाठी, एलआईयू प्रभारी
हारून रशीद, महिला एसओ नमिता सिंह, चौकी प्रभारी सदर अमर पाल शर्मा, चौकी
प्रभारी जेल राजीव सिंह आदि मौजूद थे।
उधर, पटरी दुकानदारों ने सड़क
किनारे अतिक्रमण हटाने के मामले में मानक निर्धारित करने की मांग की। उनका
कहना था कि सड़क किनारे कुछ दूरी तक कार्य करने की अनुमति दी जाए और इसका
निर्धारण किया जाए। उधर, घंटाघर मार्ग पर ही पटरी दुकानदारों ने काफी लागत
से खोखे तैयार कराए थे।
जिनसे वह अपने परिवार की जीविका चलाते थे, पर जब
नगर पालिका का बुलडोजर उनकी मेहनत की कमाई को तोड़ रहा था, तो वह बेबस देख
रहे थे। इस दौरान उनकी आंखों से आंसू निकल आए।