फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Hardoi News: बगैर प्रशिक्षक के तैयार हो रहे है खिलाड़ी

विज्ञापन
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
विज्ञापन

हरदोई। विद्यार्थियों में खेल प्रतिभाओं को उभारने के लिए लगातार कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं, मगर जिले के माध्यमिक विद्यालयों में विद्यार्थियों को खेल सिखाने वाले ही नहीं है। इससे जिला व प्रदेश स्तरीय टीम में प्रतिभाग करने वाले विद्यालयों की संख्या दहाई का अंक भी पार नहीं कर पा रही है। इससे में खेल प्रतिभाओं काे आगे आने का मौका नहीं मिल पा रहा है।
जिले में 635 माध्यमिक विद्यालय संचालित हैं। इनमें 53 राजकीय और 72 एडेड विद्यालय शामिल है। अन्य सभी वित्त पोषित विद्यालय हैं। विद्यालयों में शारीरिक शिक्षा विषय को भी पाठ्यक्रम में शामिल किया गया है। विद्यालय के मानक में खेल मैदान होना अनिवार्य है। वित्त विहीन विद्यालय तो दूर जिले के राजकीय और एडेड विद्यालयों में विद्यार्थियों के लिए खेल प्रतियोगिता के लिए न तो संसाधन है और न ही प्रशिक्षक ही मौजूद है।
विज्ञापन

विभागीय आंकड़ों के अनुसार 53 राजकीय माध्यमिक विद्यालयों में सिर्फ दो व्यायाम शिक्षक तैनात हैं। इनमें एक महिला व एक पुरूष शिक्षक है। वहीं एडेड 72 विद्यालयों में मात्र 32 में व्यायाम शिक्षक है। विद्यालय के खेल मैदान अधिकांश बदहाल है या उन पर भवन का निर्माण करा दिया गया है। विद्यालयों में खेल मैदान बचे ही नहीं हैं। इससे विद्यालय में खेल प्रतियोगिताएं नाम मात्र हो रही है।
जिसका जीता-जागता सबूत है, इन दिनों चल रही माध्यमिक विद्यालयों की जिला स्तरीय खेल प्रतियोगिताएं। अभी तक जो खेल प्रतियोगिताएं हुईं हैं, उनमें टीमों की संख्या दहाई का आंकड़ा भी नहीं छू सकी है,जबकि इसके साथ ही मंडलीय खेल प्रतियोगिताएं भी चल रही है, जिसमें जिले को वॉलीबाॅल की मेजबानी करनी है। विद्यालय में खेल गतिविधियों न होने से विद्यार्थियों की प्रतिभा निखर नहीं पा रही है।
विज्ञापन

जिला विद्यालय निरीक्षक बाल मुकुंद प्रसाद ने बताया कि खेल प्रतियोगिताओं को बढ़ावा देने के लिए जल्द व्यायाम शिक्षकों के साथ बैठक की जाएगी। जहां पर शिक्षक नहीं है, वहां पर विद्यालय के अन्य शिक्षक जो खेल में रुचि रखते हैं, उनसे कार्य किया जाएगा।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें