हरदोई। अनंत कुमार के नेतृत्व में पीके टीम बुधवार को फिर राजीव भवन पहुंची। अन्य जनपद भले ही उनके उद्देश्यों की पूर्ति करने में सफल रहा हो पर जिले के कांग्रेसियों ने दूसरे दिन ऐसा तमाशा पेश किया कि उन्हें भी कहीं न कहीं जवाब मिल गया कि आखिर जिले के कांग्रेसी वर्ष 2012 का चुनाव क्यों हारे। बहरहाल यहां की तूतू मै मै की खबर प्रदेश अध्यक्ष निर्मल खत्री तक पहुंच गई है।
राजस्थान, बिहार, गोंडा व बरेली से पीके टीम की पांच सदस्यीय टीम मंगलवार की भांति ही बुधवार को भी राजीव भवन पहुंची। टीम ने अपने सवाल जवाबों का क्रम शुरू किया। इसी बीच कांग्रेस अनुसूचित विभाग की एक महिला पदाधिकारी से वह फीड बैक लेने लगे। जिस पर महिला ने यह कह दिया कि वह लोग दलितों के लिए हमेशा संघर्ष करते हैं यदि जिला कमेटी की ओर से उन्हें सहयोग मिल जाए तो जिले की कांग्रेस और बेहतर हो सकती है। इस पर बताया गया कि जिलाध्यक्ष मिथिलेश सिंह चौहान बिफर उठे। न सिर्फ उन्होंने इस बात का खंडन किया बल्कि अपशब्द भी कह डाले।
जिसको सुनकर वहां मौजूद कांग्रेस अनुसूचित आयोग चेयरमैन प्रेम प्रकाश वर्मा ने भी जिलाध्यक्ष का विरोध किया। उन लोगों में कहासुनी होने लगी। मामला तूल पकड़ते देख पीके टीम सदस्यों ने बीच बचाव करने की कोशिश की लेकिन नाकाम रहे। इसी बीच बिफरी प्रेम प्रकाश की टीम ने इस्तीफा देने तक की घोषणा कर दी। समीक्षा बैठक का बहिष्कार कर इन लोगों ने प्रदेश अध्यक्ष निर्मल खत्री को भी फैक्स कर उनके संज्ञान में यहां का घटनाक्रम ला दिया। बहरहाल दूसरे दिन पीके की टीम समीक्षा में कम इनके विवादों को निपटाने में ज्यादा पिसती नजर आई। सूत्रों की माने तो कुछ देर बाद यहां से टीम निकल गई।
. हम भी कांग्रेस के अंग हैं। इस तरह से अपशब्दों को झेलकर कार्य नहीं कर सकते। अपना इस्तीफा प्रदेश अध्यक्ष को भेज दिया है लेकिन वहां से नामंजूर किया गया है। - कांग्रेस अनुसूचित विभाग चेयरमैन प्रेम प्रकाश वर्मा
. पीके टीम के समक्ष जब अनुसूचित विभाग के सदस्य भिड़ने लगे तब कड़ाई अपनानी पड़ी। दफ्तर में अनुशासन तो देखना ही होता है। यदि प्रदेश अध्यक्ष के समक्ष मामला जाएगा तो वह भी अपना पक्ष प्रस्तुत करेंगे। - मिथिलेश सिंह चौहान, कांग्रेस जिलाध्यक्ष