शाहाबाद (हरदोई)। कोतवाली क्षेत्र के ग्राम कालागाढ़ा से मां-बाप संग लापता हुई किशोरी का शव नदी किनारे दफन मिलने के मामले का पुलिस ने खुलासा कर दिया। गांव निवासी युवक से प्रेम संबंध होने के कारण नाराज पिता ने पुत्री की हत्या कर परिजनों के साथ मिलकर शव दफना दिया था। पुलिस ने मृतका के बाबा, माता-पिता, दो चाचा और गांव निवासी व्यक्ति के विरुद्ध हत्या करने और साक्ष्य मिटाने की रिपोर्ट दर्ज की है। बाबा और पिता को पुलिस ने हिरासत में ले लिया है।
ग्राम कालागाढ़ा निवासी लालाराम ने सोमवार को शाहाबाद कोतवाली में तहरीर दी थी। इसमें बताया था कि दो मई की रात घर से उसका पुत्र राजीव, बहू श्रीदेवी और पौत्री मनचली उर्फ नीलम (17) दवा लेने बोलेरो से गए थे। इसके बाद से तीनों का कोई सुराग नहीं है। गुमशुदगी दर्ज होने के बाद सोमवार देर रात कोतवाल महेश चंद्र पांडेय कालागाढ़ा पहुंचे और छानबीन की।
गोपनीय सूचना के आधार पर गर्रा नदी के किनारे खुदाई कराई तो किशोरी का शव दफन मिला। पोस्टमार्टम में सिर की हड्डियां चकनाचूर होने की पुष्टि हुई थी। इससे साफ हो गया था कि नीलम की हत्या की गई है। पुलिस ने मृतका के बाबा लालाराम से कड़ाई से पूछताछ की तो सच सामने आ गया। बाबा ने बताया कि गांव के ही सजातीय युवक से लगभग दो साल से नीलम का प्रेम प्रसंग था। दो मई को राजीव ने पुत्री को प्रेमी के साथ घर से निकलते देख लिया था। वापस घर आने पर गुस्से में राजीव ने नीलम का सिर दीवार पर कई बार पटका और मौके पर ही नीलम की सांसें थम गईं। हत्या के बाद उसके ही दुपट्टे से कमरे में फांसी पर लटका दिया और फिर खेत चला गया।
रात में अन्य परिजनों को इसकी जानकारी हुई तो राजीव ने सबको चुप करा दिया। रात में ही नरहाई निवासी हरिनाम सिंह के साथ उसकी बोलेरो से शव ले जाकर गर्रा नदी के किनारे दफन कर दिया। किसी को शक न हो इसलिए बाबा ने पुलिस को गलत तहरीर दे दी। कोतवाल ने बताया कि बाबा लालाराम, पिता राजीव, मां श्रीदेवी, चाचा पप्पू उर्फ आदित्य, कुंवर लाल व हरिनाम सिंह के विरुद्ध मामला दर्ज कर लिया गया है। राजीव और उसके पिता लालाराम को गिरफ्तार किया गया है। फरार आरोपियों की तलाश की जा रही है।