संवाद न्यूज एजेंसी
हरदोई। बाल विकास परियोजना कार्यालय में रुपये लेते हुए वायरल हुए वीडियो व ऑडियो पर बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार विभाग की निदेशक ने पिहानी की इंचार्ज सीडीपीओ को निलंबित कर दिया है। निलंबन अवधि में उन्हें जिला कार्यक्रम अधिकारी कार्यालय रायबरेली से संबद्ध किया है। उनका निलंबन आदेश बुधवार को जारी हो गया और इसमें रायबरेली के ही जिला कार्यक्रम अधिकारी (डीपीओ) को जांच अधिकारी नामित किया गया है।
पिहानी बाल विकास परियोजना में तैनात रहीं इंचार्ज सीडीपीओ सुपरवाइजर आशा चौधरी का निलंबन आदेश बंद लिफाफे में बुधवार को प्राप्त हो गया है। इचार्ज सीडीपीओ का चार अक्तूबर को कार्यालय में ही रुपये लेते हुए वीडियो वायरल हुआ था और कुछ ऑडियो क्लिप भी थी। डीएम को उनके व्हाट्सएप पर किसी ने प्राप्त कराए थे।
इस पर डीएम एमपी सिंह ने डीडीओ से जांच कराई थी। डीडीओ अरविंद कुमार ने जांच में प्रथम दृष्टया दोषी पाया था। डीडीओ की जांच रिपोर्ट पर डीएम ने बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार विभाग की निदेशक को इंचार्ज सीडीपीओ को निलंबित किए जाने की संस्तुति की थी।
डीएम ने जिला कार्यक्रम अधिकारी को सहायिका की सेवा समाप्त किए जाने के आदेश दिए थे। डीपीओ मनाेज कुमार ने बताया कि पिहानी के ही महमूद सरैंया केंद्र की सहायिका शानबीबी की सेवा समाप्त भी कर दी गई है। शानबीबी मूलरूप से सरैंया केंद्र की सहायिका थी, इंचार्ज सीडीपीओ ने इन्हें महमूद केंद्र का भी अतिरिक्त प्रभार दे रखा था। बताया कि इंचार्ज सीडीपीओ आशा चौधरी वर्तमान में बाल विकास परियोजना सांडी से संबद्ध चल रही थीं। निलंबन आदेश प्राप्त होने के बाद उन्हें रायबरेली के लिए कार्यमुक्त कर दिया जाएगा।