संवाद न्यूज एजेंसी
हरदोई/पिहानी। डेंगू के डंक से जिले में मौतों का सिलसिला जारी है। पिहानी कस्बा निवासी युवक की डेंगू के कारण उपचार के दौरान लखनऊ के एक अस्पताल में मौत हो गई। जनपद में डेंगू से मौतों का सिलसिला जारी है, लेकिन स्वास्थ्य महकमा है कि मानने को तैयार नहीं। मिश्रिख के सांसद अशोक रावत ने डिप्टी सीएम को पत्र लिखकर डेंगू से हो रही मौतों की जानकारी दी है, लेकिन इस पर भी स्वास्थ्य विभाग डेंगू से किसी की भी मौत होने की बात स्वीकार नहीं कर रहा है।
पिहानी कस्बे के रौजा गेट के सामने हजारीवाली गली में रहने वाले आनंद वैश्य (50) दवा व्यवसायी थे। शनिवार को बुखार आने पर उन्होंने कस्बे की एक लैब में जांच कराई। इसमें डेंगू की आशंका जताई गई। रविवार को वह हरदोई गए और एक प्राइवेट नर्सिंग होम की पैथाेलॉजी में जांच कराई। यहां डेंगू की पुष्टि हुई और भर्ती कर लियागया। इलाज न मिलने पर परिजनों ने उपचार के लिए लखनऊ ले गए।
यहां मेदांता अस्पताल में भर्ती कराया गया। जहां बुधवार को उनकी मौत हो गई। डेंगू से व्यवसायी की मौत होने के बाद से कस्बे में दहशत का माहौल है। खास बात यह है कि डेंगू से लगातार हो रही मौतों को स्वास्थ्य महकमा मानने को तैयार ही नहीं है। बीती तीन और चार अक्तूबर को 24 घंटे के अंदर संडीला में दो सगे भाइयों जितेंद्र शुक्ला और सतेंद्र शुक्ला की मौत हो गई थी।
इसके अलावा मंगलवार को हरदोई शहर के गंगानगर कालोनी निवासी साधना शुक्ला की भी मौत हो गई थी। इससे पहले शहर के मोहल्ला वैटगंज में भी एक बच्ची की मौत हो चुकी है। ग्रामीण क्षेत्रों से भी लगातार मौत होने की जानकारी मिल रही है, लेकिन स्वास्थ्य महकमे के जिम्मेदारों को यह सब नजर नहीं आता। मिश्रिख के सांसद अशोक रावत ने संडीला में दो सगे भाइयों की डेंगू से मौत होने का उल्लेख करते हुए डिप्टी सीएम को पत्र भेजकर हालातों की जानकारी दी है, लेकिन इस पर भी स्वास्थ्य विभाग चुप्पी साधे है।
सीएमओ डाॅ. रोहताश कुमार का कहना है कि जनपद में डेंगू से कोई मौत होने की पुष्टि नहीं हुई है। जिस इलाके में डेंगू का मरीज मिलता है वहां टीम भेजकर स्वास्थ्य परीक्षण कराया जाता है और आवश्यकतानुसार दवा का वितरण भी किया जाता है।