हरदोई। अपहरण कर बालक की हत्या करने के तीन साल पुराने मामले में अपर जिला जज (कोर्ट संख्या तीन) अरविंद कुमार यादव प्रथम ने अभियुक्त को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही अभियुक्त पर 45000 रुपये का जुर्माना भी लगाया है। जुर्माना न देने पर छह माह अतिरिक्त कारावास की सजा भुगतनी होगी।
सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता संजीव कुमार सिंह ने बताया कि बेनीगंज कोतवाली के जरौआ गांव निवासी दिलीप सिंह ने चार नवंबर 2020 को कोतवाली में तहरीर दी थी। इसमें बताया था कि 26 अक्तूबर को भांजा रुद्रप्रताप सिंह और ढर्रू (8) पुत्र प्रमोद सिंह निवासी चपरतला रिश्तेदारी में दिलीप सिंह के यहां आया था। चार नवंबर 2020 को दोपहर में दो बजे घर के बाहर खेलने गया था, लेकिन वापस नहीं आया। पुलिस ने गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज की थी।
दिन बाद दिलीप के फोन पर दो लाख रुपये फिरौती की मांग की गई। जांच में संडीला कोतवाली क्षेत्र के थानगांव निवासी राम प्रताप का नाम सामने आया। यह भी पता चला कि रामप्रताप ने जिस मोबाइल से फोन किया था, वह मोबाइल जरौआ निवासी छोटेलाल के यहां से चोरी किया था। पुलिस ने राम प्रताप को गिरफ्तार कर लिया था।
पूछताछ में बताया कि फिरौती के लिए अपहरण किया था। रुपये न मिलने पर मलेहरा के जंगल में गमछे से रुद्र का गला कसकर हत्या कर दी थी। मामले की सुनवाई पूरी कर अपर जिला जज अरविंद कुमार यादव प्रथम ने अभियुक्त को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।