बंद दवा काउंटर के सामने खड़े लोग।
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स्वास्थ्य कर्मियों की हड़ताल से मंगलवार को जिला अस्पताल और जिला महिला अस्पताल में मरीज बेहाल रहे। हड़ताल से पर्चे नहीं बने, मरीजों के एक्सरे, अल्ट्रासाउंड और पैथालाजी में जांचें नहीं हो पाईं। इसके अलावा पुराने लगभग चार हजार मरीजों को दवा नहीं मिल पाई। जिला अस्पताल, महिला अस्पताल सहित सभी सरकारी अस्पतालों के फार्मासिस्ट और संविदा कर्मचारी मंगलवार से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए हैं। अस्पतालों में काम लगभग ठप हो गया है।
जिला में पिछले एक महीने से रोज 1200 से 1500 मरीज आ रहे हैं। हड़ताल के कारण मंगलवार को पर्चे नहीं बन पाए। कुछ मरीजों को ओपीडी में बैठे डॉक्टरों ने बिना पर्चे के ही देख लिया। इसके अलावा एक्स-रे, अल्ट्रा साउंड और पैथालाजी में जांच भी नहीं हो पाई। पहले से इलाज करा रहे लगभग चार हजार मरीजों को बिना दवा लौटना पड़ा। काफी देर तक मरीज इधर उधर भटकते रहे फिर मायूस होकर निजी अस्पतालों को लौट गए।