दस सूत्रीय मांगों को लेकर फार्मासिस्टाें ने दो घंटे
का कार्य बहिष्कार कर विरोध जताया। इस दौरान दवा काउंटर बंद रहे। इससे
मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ा। शनिवार को फार्मासिस्ट पूरे दिन
कार्य बहिष्कार कर विरोध जताएंगे।
डिप्लोमा फार्मासिस्ट एसोसिएशन के
बैनर तले शुक्रवार को जिला अस्पताल में फार्मासिस्टों ने दो घंटे कार्य
बहिष्कार किया और ओपीडी के बाहर विरोध प्रदर्शन किया। इस कारण सुबह आठ से
दस बजे तक मरीजों को काउंटर से दवाएं नहीं मिलीं। इससे मरीज परेशान रहे।
जिलाध्यक्ष
डॉ. वीके तिवारी ने बताया फार्मासिस्ट संवर्ग विगत वर्ष से अपनी मांगों को
लेकर संघर्ष कर रहा है।आश्वासन के बाद भी मांगें नहीं मानी गईं। जिला
मंत्री सर्वेंद्र कुमार ने बताया कि मांगों के संबंध में 15 फरवरी से विरोध
प्रदर्शन चल रहा है। 15 से 22 फरवरी तक काला फीता बांधकर विरोध किया गया।
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से 28 फरवरी को दो घंटे अतिरिक्त कार्य कर ध्यान आकर्षण किया गया, 9 मार्च
से दो घंटे का कार्य बहिष्कार चल रहा है। शनिवार को 14 मार्च को सामूहिक
अवकाश लेकर विरोध प्रदर्शन किया जायेगा। इस दिन आकस्मिक सेवाओं को छोड़कर
अन्य कार्यों का बहिष्कार किया जायेगा।
इसके बाद भी मांगें नहीं
मानी र्गइं तो आठ अप्रैल से स्वास्थ्य महा निदेशालय में विरोध प्रदर्शन
किया जायेगा। फार्मासिस्ट केसी बाजेपई, कमलेश कुमार, कमल गौतम, महेश चंद्र
सहित कई फार्मासिस्ट मौजूद रहे।