तेरियां गांव में संचालित प्राइवेट अस्पताल।
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बावन। बावन पीएचसी में तैनात फार्मासिस्ट के ड्यूटी पर न आने और क्षेत्र में स्थित अपने ससुर का प्राइवेट नर्सिंग होम चलाने का मामला तूल पकड़ गया है। अमर उजाला ने शुक्रवार के अंक में खबर को प्रमुखता से प्रकाशित किया है। सीएमओ ने पूरे मामले को संज्ञान में लिया है। सीएमओ डॉ. पीएन चतुर्वेदी ने बताया कि पीएसची स्तर से जांच शुरू कर दी गई है। वह भी कमेटी गठित कर पूरे मामले की जंाच कराएंगे। यदि फार्मासिस्ट पर आरोप सिद्ध हुए तो कार्रवाई की जाएगी।
बावन में तैनात फार्मासिस्ट ऋषिनाथ करीब एक साल से क्षेत्र के तेरिया गांव में स्थित देवकी माधव नाम के एक प्राइवेट अस्पताल का संचालन कर रहा है। इस दौरान वह नाम मात्र के लिए ड्यूटी पर आए हैं। अमर उजाला ने शुक्रवार को इस मामले को प्रमुखता से प्रकाशित किया तोे स्वास्थ्य महकमे में हलचल मच गई। आनन-फानन में पीएचसी स्तर से पूरे मामले की जांच शुरू कर दी गई है। उधर, पड़ताल करने पर पता चला कि फार्मासिस्ट जिस प्राइवेट अस्पताल का संचालन कर रहा है।
वह उसके ससुर श्रीराम का है। श्रीराम की बेटी व ऋषिनाथ की पत्नी श्रुति के पास डॉक्टर की डिग्री है। वह पत्नी के साथ मिलकर प्राइवेट अस्पताल का जिम्मा संभालता है। यही नहीं प्राइवेट अस्पताल के संचालन के साथ ही वह सेटिंग के बल पर पीएचसी की नौकरी भी करता चला आ रहा है। सीएमओ डॉ. पीएन चतुर्वेदी ने बताया कि पीएचसी के अधिकारी अपने स्तर से जांच कर रहे हैं। पूरे मामले की जांच के लिए क मेटी गठित की जा रही है। नियम का उल्लंघन करने की बात सही निकली तो आरोपी पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।