बढ़े मूल्य पर पुराने स्टाक से कमाई करने पर उतरें
पेट्रोल पंप के संचालकों ने एंबुलेंस तक को पेट्रोल नहीं दिया। इससे मरीज
समय से अस्पताल नहीं पहुंच सका और रास्ते में ही मौत हो गई। घटना की
जानकारी होते ही सनसनी फैल गई। पेट्रोल पंप संचालकों की इस हरकत ने मानवता
को तार तार कर दिया।
एबुंलेस पेट्रोल के लिए इधर-उधर पंपों के चक्कर लगाती
रही, पर समय से तेल न मिल सका। शहर कोतवाली क्षेत्र के ऊंचा थोक
निवासी महिला की हालत गंभीर होने पर परिजन उसे लेकर जिला अस्पताल आए। जहां
से एक निजी एंबुलेंस से मरीज को लेकर लखनऊ ले जा रहे थे।
एंबुलेंस चालक
मरीज को लेकर जब गाड़ी में पेट्रोल लेने शहर के पेेट्रोल पंप पर रात करीब
सवा दस बजे पहुंचा, तो पेट्रोल संचालक ने पेेट्रोल न होने की बात कही। तब
वह दूसरे पेट्रोल पंप पर पहुंचा तो वहां भी मना कर दिया गया। इसके बाद व
तीसरे, चौथे पेट्रोल पंप पर पहुंचा, पर किसी ने भी पेट्रोल नहीं दिया।
करीब
एक घंटे तक चक्कर लगाता रहा। सभी का तर्क था स्टाक खत्म हो गया, जबकि रात
के 12 बजने के बाद पेट्रोल वितरण शुरू कर दिया गया। चक्कर लगाने के बाद
एंबुलेंस को सरकुलर रोड़ पर एक पेट्रोल पंप से पेट्रोल मिला। जिस पर वह
मरीज को लेकर लखनऊ रवाना हुआ, पर देरी से ककोरी के पास मौत हो गई।
इस पर परिजनों में कोहराम मच गया। परिजन शव को
लेकर पैतृक गांव जनपद लखीमपुर के हरगांव चले गए। शहर के पेट्रोल पंप
संचालकों का पेट्रोल न होने का बहाना बनाकर पेट्रोल न देना कोई नहीं बात
नहीं है। जब जब पेट्रोल व डीजल की कीमत बढ़ने की सूचना मिलती है।
पंप
संचालक सूचना पेट्रोल-डीजल न होने का बहाना बनाकर पेट्रोल देना बंद कर देते
हैं, पर रात 12 बजे बढ़ी कीमतें लागू होते ही उनके पेट्रोल पंप फिर तेल
उगलने लगते है। शनिवार की रात हुई यह घटना पेट्रोल संचालकों की उसी
मानसिकता का प्रदर्शित करती है, जो मानवता को शर्मसार कर रही है।