सार्वजनिक स्थल, कार्यालय, बस एवं रेलवे स्टेशन,
अस्पताल, होटल आदि स्थानों पर बीड़ी सिगरेट पीने वालों पर 200 रुपये का
जुर्माना लगाया जाएगा। कलक्ट्रेट में सोमवार को स्वास्थ्य विभाग की ओर से
आयोजित तंबाकू नियंत्रण कार्यशाला को संबोधित करते हुए एडीएम विजय गुप्ता
ने यह बात कही।
उन्होंने कहा कि नगर, तहसील, ब्लाक स्तर सहित गांव गांव
तक नशा मुक्ति से संबंधित गोष्ठी एवं कार्यक्रमों का आयोजन कर खासकर
नवयुवकों को नशे से होने वाली बीमारियों आदि के बारे में बताएं और सिगरेट,
बीड़ी, खैनी, पान मसाला आदि नशीले पदार्थ छोड़ने को प्रेरित करें।
उन्होंने
डीआईओएस एवं बीएसए को निर्देश दिए कि स्कूल, कालेजों के चारों ओर 100 मीटर
के अंदर किसी प्रकार के नशीले पदार्थों की बिक्री न होने दें। सभी स्कूलों
के गेट पर पेंटिंग से नशामुक्ति रहित क्षेत्र आदि लिखवाएं और न मानने
वालों पर स्कूल प्रबंधन व प्रधानाचार्यो द्वारा जुर्माना किया जाए।
नगर
मजिस्ट्रेट लक्ष्मी शंकर सिंह ने कहा कि सभी विभागाध्यक्ष अपने कार्यालयों
में नशा मुक्ति संबंधित पोस्टर लगवाए तथा अपने कार्यालय में बीड़ी, सिगरेट
पीने वालों पर प्रतिबंध लगाए। न मानने वाले अफसरों, कर्मियों से स्पष्टीकरण
तलब किया जाए। उन्होंने कहा कि शीघ्र ही नगर सहित समस्त तहसीलों, ब्लाकों,
सार्वजनिक स्थान, बस व रेलवे स्टेशन, अस्पताल, स्कूल, कचहरी, विकास भवन
होटल एवं चौराहों पर चेकिंग अभियान चलाया जाएगा और ऐसे स्थानों पर धूम्रपान
करने वालों से 200 रुपये जुर्माना वसूला जाएगा।
गोष्ठी में उत्तर प्रदेश
वालंटरी हेल्थ एसोसिएशन के अधिशासी निदेशक जेपी शर्मा ने बताया नशामुक्ति
कार्यक्रम प्रदेश के 12 जिलों में 33 संस्थाओं के माध्यम से कराया जा रहा
है। इसमें काफी सफलता मिली है। सीएमओ डा. वीके गुप्ता ने कहा कि तंबाकू
सेवन से होने वाली कैंसर की बीमारी से प्रदेश के मरीज सबसे ज्यादा हैं।
कैंसर से देश में प्रतिदिन लगभग 2200 लोगों की मौत होती है, इसलिए नवयुवक
नशा छोड़े और जीवन को अपनाएं। इस मौके पर सीएमएस डा. आरके मिश्र, एसडीएम
शाहाबाद मंशाराम वर्मा, सीओ नीतेश कुमार, डा. विनोद यादव, सुरेश मिश्रा आदि
मौजूद थे।