मटियामऊ में 24.95 और शुक्लापुर भगत में 11.41 लाख का गेटवे से इतर किया गया भुगतान
- पंचायतीराज निदेशालय ने जनवरी माह में गेटवे से इतर भुगतान में चिह्नित की 80 ग्राम पंचायत
- विभाग ने पंचायत सचिवों को चिह्नित करना शुरू किया
संवाद न्यूज एजेंसी
हरदोई। गांवों में विकास कार्यों और अन्य खरीदारी आदि के भुगतान में पंचायतीराज विभाग की व्यवस्था को जिम्मेदार दरकिनार कर रहे हैं। जनवरी में माधौगंज की ग्राम पंचायत मटियामऊ में करीब 24.95 लाख और शुक्लापुर भगत में 11.41 लाख रुपये का भुगतान गेटवे से इतर किया गया है, जो जिले में सर्वाधिक है।
ऐसे ही करीब 80 ग्राम पंचायतों ने पंचायत सचिवालय स्थापित कंप्यूटर पर ई-ग्राम स्वराज पोर्टल पर गेटवे से भुगतान न कर मनमाने ढंग से बाहर से भुगतान किए हैं।
ई-ग्राम स्वराज पोर्टल पर पंचायत सचिवालय से गेटवे से हटकर जनवरी माह में दूसरे स्थानों से भुगतान करने में 80 ग्राम पंचायतों को चिह्नित किया गया है। पंचायतीराज विभाग के निदेशक राजेश कुमार त्यागी ने नाराजगी जाहिर की है।
उन्होंने ग्राम पंचायत सचिवालय पर स्थापित गेटवे से मैप कंप्यूटर सिस्टम से भुगतान न करने वाले पंचायत सचिवों पर कार्रवाई के लिए भी कहा है। निदेशक की ओर से जारी सूची में कोथावां विकास खंड सबसे अधिक ग्राम पंचायतें, जबकि माधौगंज में अधिक संख्या में वाउचर पर अधिक मात्रा में भुगतान वाली ग्राम पंचायतें शामिल हैं।
माधौगंज की ग्राम पंचायत मटियामऊ में 66 वाउचर पर 24,95,287 रुपये और शुक्लापुर भगत में 38 वाउउर पर 11,41,574 रुपये का भुगतान किया गया है। ऐसे ही अन्य ग्राम पंचायतों की स्थिति है।
इन विकास खंडों की शामिल हैं ग्राम पंचायत
पंचायतीराज निदेशक राजेश कुमार त्यागी की ओर से जारी पत्र में प्रदेश में गेटवे से इतर किए गए भुगतान में चिह्नित ग्राम पंचायतों में जिले के विकास खंड कोथावां, माधौगंज, अहिरोरी, बावन, बेहंदर, भरावन, बिलग्राम, हरपालपुर, कछौना, सांडी, सुरसा, टड़ियावां और टोडरपुर की ग्राम पंचायतें शामिल हैं।
दोषी सचिवों को चिह्नित कर की जाएगी कार्रवाई
निदेशक का पत्र मिला है। करीब 80 ग्राम पंचायतों ने पंचायत सचिवालय में स्थापित ई-ग्राम स्वराज पोर्टल पर गेटवे से इतर दूसरे स्थानाें से भुगतान किया गया है। गेटवे से हटकर भुगतान किए जाने के दोषी पंचायत सचिवों को चिह्नित कर कार्रवाई और एडीओ पंचायत, डीपीएम व एडीपीएम की जिम्मेदारी तय करते रिपोर्ट निदेशक को भेजी जाएगी।-विनय कुमार सिंह, डीपीआरओ