हरदोई। रुपये दिए जाने और खर्च किए जाने की हाईटेक व्यवस्था में भी जिम्मेदार सेंधमारी करने से चूक नहीं रहे हैं।
चालू वित्तीय वर्ष के 18 दिनों में विकास खंड बेहंदर की 68 में से 32 ग्राम पंचायतों ने करीब 1.19 करोड़ रुपये का भुगतान कर दिया है। भुगतान की प्रक्रिया तो ऑनलाइन की गई, लेकिन बिल-वाउचर फीड किए जाने में मनमानी प्रदर्शित हो रही है। कई ग्राम पंचायतों ने भुगतान की प्रक्रिया में वाउचर के स्थान पर सादा कागज तो कई ने बिना तारीख और दूसरी ग्राम पंचायतों के बिल-वाउचर फीड कर दिए हैं।
पंचायतीराज विभाग के माध्यम से गांवों में विकास कार्य, सामग्री खरीदारी और मरम्मत आदि के साथ ही मानदेय भुगतान के लिए राज्य वित्त आयोग और 15वें वित्त आयोग में रुपये दिए जा रहे हैं। विभाग ने रुपये दिए जाने और खर्च किए जाने के लिए ऑनलाइन व्यवस्था दी है। साथ ही इसके ई-ग्राम स्वराज पोर्टल पर काम और भुगतान के ब्योरे के साथ ही बिल-वाउचर फीड किए जाने की अनिवार्यता दी है।
इससे विभागीय अधिकारी ग्राम पंचायतवार मिले और खर्च रुपये के साथ ही काम की ऑनलाइन स्थिति भी देख सकेंगे। चालू वित्तीय वर्ष का आज 19वां दिन हैं। शुक्रवार को 18वें दिन तक विकास खंड बेहंदर की 68 ग्राम पंचायतों में 32 ग्राम पंचायतों ने काम, खरीदारी, मजदूरी और अन्य मदों पर 1,19,07,241 रुपये का भुगतान पंचायत सचिवों और प्रधानों ने निकाला है।
ई-ग्राम स्वराज पोर्टल पर काम और भुगतान के साथ लगाए गए बिल-वाउचर में अधिकांश में साधा कागज फीड किया गया है। कई ग्राम पंचायतों ने तो बिना तारीख के ही बिल-वाउचर लगाए गए हैं। कुछ ग्राम पंचायतों ने तो दूसरी ग्राम पंचायतों के नाम से बनवाए गए बिल-वाउचर फीड कर दिए हैं। इन बिल-वाउचर को फीड कर भुगतान निकाला गया है।
केस एक : ग्राम पंचायत अकबरपुर ताल्हू में पेयजलापूर्ति और इंटरलाॅकिंग के काम के लिए 2,45,417 रुपये का भुगतान निकाला गया है। यह भुगतान मेसर्स गुप्ता ट्रेडर्स, माधव इंडस्ट्रीज और मारुति नंदन एंड सप्लायर्स के नाम किया जाना दर्शाया गया है। ई-ग्राम स्वराज पोर्टल पर बिल-वाचउर के स्थान पर सादा कागज फीड किया गया है।
केस दो : ग्राम पंचायत बेहसार में दीपक बैटरी एंड इलेक्ट्रॉनिक माडर तिराहा कासिमपुर का बिल-वाउचर संख्या 77 दिनांक 10 मार्च 2025 को फीड किया गया है। इस पर 2,24,490 रुपये का भुगतान निकाला गया है। खास बात यह है कि वह बिल-वाउचर बेहसार के बजाय ब्लॉक की ही ग्राम पंचायत संतोषा के प्रधान व पंचायत सचिव के नाम से जारी है।
केस तीन : ग्राम पंचायत बिंदौरा में सामग्री खरीदारी के लिए अनुष्का ट्रेडर्स सई नदी के पास जाहिदपुर फर्म का क्रम संख्या 28 का 1,77,279.31 रुपये का बिल-वाउचर लगाया गया है। खास बात यह है कि बिल पर तारीख ही नहीं दर्ज हैं और बिल 1,77,279.31 रपये का होने के बाद भी 1,61,510 रुपये का भुगतान निकाला गया है।
वाउचर फीड किए जाने की जिला, क्षेत्र और ग्राम पंचायतों में अनिवार्यता है। ई-ग्राम स्वराज पोर्टल पर भुगतान कि की जाने वाली फर्म के ही बिल-वाउचर फीड किए जाने चाहिए। यदि ऐसा है तो संबंधित की जवाबदेही तय की जाएगी। रुपये के दुरुपयोग पर वसूली कराई जाएगी। -विनय कुमार सिंह, डीपीआरओ