हरदोई। गांवों में रोजगार सृजन के नाम पर बैंक मित्र, बीमा एजेंट और चौकीदारों को काम दिए बिना ही भुगतान निकाल लिया गया। विकास खंड बावन की 10 ग्राम पंचायतों में 1.98 लाख की वित्तीय अनियमितता पकड़ में आई है। सोशल ऑडिट में इसकी वसूली की संस्तुति की गई है। 17 ग्राम पंचायतों में करीब 24 लाख से अधिक के भुगतान के अभिलेख ग्राम पंचायतों के जिम्मेदार सोशल ऑडिट के समय नहीं दिखा पाए थे। सभी से अभिलेख तलब किए गए हैं।
मनरेगा में रोजगार गारंटी के साथ ही सोशल ऑडिट की व्यवस्था दी गई है। चालू वित्तीय वर्ष में बावन की 74 ग्राम पंचायतों के वर्ष 2021-22 के कार्यों के सोशल ऑडिट में ग्राम पंचायत मझरेहटा, सकरा, सकतपुर, महरेपुर, बिस्कुला, बरसोहिया, बजेहरा, बाजपुर नकटौरा, अल्लीपुर और ऐजा में 5,29,853 की वित्तीय अनियमितता पकड़ में आई थी। ग्राम पंचायत सकरा में दो तालाबों की खोदाई के सोशल ऑडिट में तालाबों में सरसों की फसल खड़ी मिली थी। 3,02,532 रुपये की अनियमितता की पुष्टि की गई थी। ब्लॉक सभा में खोदाई की फोटो और अन्य साक्ष्य दिए जाने पर प्रकरण को निस्तारित कर दिया गया। सकरा में ही भगवानदीन और उनकी पत्नी रामबेटी को 100 दिन के स्थान पर 123 दिन का रोजगार दिया गया था। 23 दिन की मजदूरी 4761 रुपये की वसूले कराई जाएगी।
ग्राम पंचायत महरेपुर में 46,308 रुपये की अनियमितता की पुष्टि हुई। यहां प्रधान प्रतिनिधि नीरज सिंह के पुत्र सुतिसन प्रताप को 68 दिन की मजदूरी का 13872 रुपये, बैंक मित्र कुलदीप को 76 दिन का 15,300 रुपये, धीरज कुमार को 28 दिन का 5712 रुपये, शहर में एक नर्सिंग होम में काम करने वाले इश्तियाक को 14 दिन का 2856 रुपये, बीमा एजेंट मोहम्मद शमीम को 14 दिन का 2856 रुपये और लोनार थाना के चौकीदार अर्जुन को 28 दिन का 5712 रुपये का भुगतान किया गया है। सभी से वसूली की संस्तुति की गई है। ग्राम पंचायत ऐजा में रत्नेश के नाम से 4,692 रुपये का भुगतान पंचायत मित्र के भाई को बिना काम किए ही कर दिया गया है। होमगार्ड रामकुमार को 28 दिन का 5,712 रुपये का भुगतान किया गया है। यहां पर पौधरोपण पर खर्च राशि 28,356 रुपये के प्रकरण को साक्ष्य प्रस्तुत करने पर निस्तारित किया गया।
ग्राम पंचायत अल्लीपुर में काम कराए बिना ही 12000 रुपये का भुगतान निकाला गया था। ग्राम पंचायत बाजपुर नकटौरा में प्रधान ने अपने ट्रैक्टर चालक को 60 दिन की मजदूरी के 33,048 रुपये, चंद्र प्रकाश और उनकी पत्नी सरोजन को 128 दिन का रोजगार दिया गया था। इनसे 28 दिन के 5712 रुपये वसूले जाएंगे। ग्राम पंचायत बजेहरा में रामप्रकाश त्रिवेदी और उनके पुत्र देवेश कुमार के 19 दिन के अधिक किए गए भुगतान के 3876 रुपये, गाम पंचायत बिस्कुला में ऑटो चालक अखिलेश और राजन गुप्ता, मिठाई विक्रेता राम खेलावन आदि को बिना काम दिए ही 29580 रुपये का भुगतान किया गया है।
ग्राम पंचायत मझरेहटा में अवधेश कुमार को दो जॉब कार्ड पर 45 दिन का काम दिया गया है। 9,180 रुपये की वसूली की संस्तुति की गई है। ग्राम पंचायत सकतपुर में रीतेश और योगेंद्र को बिना काम दिए ही 199 दिन के 40595 रुपये के भुगतान की वसूली की संस्तुति की गई है। बावन सभागार में हुई ब्लॉक सभा में नोडल अधिकारी डीडीओ अजय प्रताप सिंह, को-आर्डिनेटर हर्षवर्धन सिंह और शिल्पी ने प्रकरणों पर प्राप्त साक्ष्यों का परीक्षण किया। बताया कि निस्तारित प्रकरण को छोड़त 1,98,965 रुपये की वसूली की संस्तुति की गई है।
इन ग्राम पंचायतों ने नहीं दिखाए थे अभिलेख:
बताया गया कि सोशल ऑडिट के समय अभिलेख न दिखा पाने के कारण 17 ग्राम पंचायतों में 2404990 रुपये का विचलन पाया गया है। प्रकरणों के निराकरण के लिए ग्राम पंचायत ऐजा, अल्लीपुर, बन्नई, बरैला तिगांवा, बरसोहिया, बरिगवां, भीखपुर, भिठारी, कोर्रिया, महोलिया शिवपार, मेंडुआ मिरगांवा, मूसेपुर, रारा, सकरा, सकतपुर, सोनेपुर और तेरिया से कार्यों से संबंधित अभिलेख तलब किए गए है। डीडीओ ने बताया कि अभिलेखों के परीक्षण और साक्ष्यों के आधार पर प्रकरणों का निस्तारण किया जाएगा।