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फर्जी रॉयल्टी रवन्ना पर18 लाख का भुगतान

Sun, 23 Apr 2017 12:22 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, हरदोई
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जांच - फोटो : प्रतिकात्मक
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हरदोई। पीडब्लूडी विभाग ने मार्ग निर्माण में इस्तेमाल होने वाले पत्थर व गिट्टी आपूर्ति में रॉयल्टी रवन्ना की जांच कराए बिना ही ठेकेदार की फर्म को दो किश्तों में 18 लाख से अधिक रुपये का भुगतान करने का मामला सामने आया है। मामला उजागर होने के बाद अधिकारियों ने रॉयल्टी रवन्ना की जांच कराई। इसमें रॉयल्टी रवन्ना फर्जी पाया गया है। पीडब्लूडी एक्सईएन से इस बारे में पूछा गया तो वह उखड़ गए और मामले की जांच चल रही है कहते हुए फोन काट दिया। जानकार बताते हैं कि रॉयल्टी रवन्ना की जांच कराकर अधिकारियों को भुगतान करना चाहिए था।  
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लोक निर्माण विभाग खंड एक की ओर से शाहाबाद पाली सैदपुर मार्ग से कछेलिया संपर्क मार्ग का ठेका मेसर्स ओम सांई बिल्डर्स को 10 जून 2016 को 20 लाख रुपये का काम दिया गया था। ठेकेदार ने साइट पर काम शुरू करा दिया है। ठेकेदार संतोष कुमार को पीडब्लूडी विभाग की ओर से दो किश्तों में 28 अक्टूबर 2016 को 8 लाख और 14 दिसंबर 2016 को 10,64,642 रुपये का उसे भुगतान किया है। ठेकेदार का आरोप है कि शेष भुगतान मांगे जाने पर पीडब्लूडी के अधिकारियों ने साजिशन उसे पीडब्लूडी खंड एक के अधिकारी ने रॉयल्टी रवन्ना की जांच रामपुर के डीएफओ गजेंद्र से कराई।

डीएफओ ने रॉयल्टी रवन्ना को फर्जी बता दिया है। अधिकारी ने इस मामले को लेकर ठेकेदार पर एफआईआर दर्ज कराई है, इसके बाद ठेकेदार संतोष कुमार ने डीएम को शिकायत देकर पीडब्लूडी के एक्सईएन मन्नीलाल पर फर्जी तरीके से फंसाने का आरोप लगाया है और जांच कराने की मांग की है। सवाल उठता है कि पीडब्लूडी की ओर से जब भुगतान किया जा रहा था उस समय रॉयल्टी रवन्ना की जांच क्यों नहीं कराई गई। अधिकारियों को बाद में रॉयल्टी रवन्ना की जांच कराने की जरूरत क्यों पड़ गई। फिलहाल डीएम ने इस मामले की जांच जिला विकास अधिकारी को दी है। जिला विकास अधिकारी अभिराम त्रिवेदी ने बताया कि मामले की जांच चल रही है दोनो पक्षों को सुनकर ही कोई फैसला दिया जाएगा।
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