बावन चुंगी पर नोट बंदी के विरोध में चक्का जाम करते सपा कार्यकर्ता
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हरदोई। पर्याप्त करेंसी न मिलने के साथ ही बैंकों में भुगतान की तुलना में आवक (जमा) का अनुपात बहुत कम है। बैंक अधिकारियों की मानें तो बाजार में पैसा डंप करने की प्रवृत्ति हावी है। इससे कैश की किल्लत और बढ़ गई है।
आठ नवंबर को नोटबंदी के फरमान के बाद से दिसंबर माह के पहले शुक्रवार तक लोगों की जुबान व दिमाग से अभी भी नोटबंदी की समस्या नहीं हटी है। एटीएम में भी दिन में तीन से चार बार रुपये डालने के बाद भी एटीएम देर शाम खाली ही नजर रहे हैं। इस संबंध में लीड बैंक मैनेजर नवीन कुमार ने बताया कि ऐसा भी नहीं है कि पैसा नहीं है।
आरबीआई से जो मिल रहा है उसे लगातार बांटा जा रहा है। इसके बाद भी डिमांड नहीं पूरी हो रही। इसके पीछे बैंकों में कैश वापस न आना बड़ा कारण है। जिनके पास पैसा है वह जमा नहीं करना चाहते। जिनके पास नहीं है या फिर खत्म होने की कगार पर है ऐसे लोग लाइनों में दिख रहे हैं। जिससे बैंकों को मिल तो थोड़ा रहा है खपत ज्यादा हो रही है।
इधर, बैंक आफ इंडिया व यूनियन बैंक के पदाधिकारी क्षितिज पाठक कहते हैं कि कहीं न कहीं बाजार में पैसा डंप हो रहा है। जब तक रुपये जमा करने की तिथि 30 दिसंबर नहीं बीत जाती तब तक शायद समस्या ऐसी ही रहेगी। उसके बाद सुधरने के आसार हैं।
नोटबंदी को केंद्र सरक ार का तुगलकी फरमान बता सपा पदाधिकारियों ने शुक्रवार को जिले भर में विरोध प्रदर्शन किया। शहर में कई चौराहों को जाम कर नोटबंदी वापस लो...के नारे लगाए गए।
बावन चुंगी पर सपा नेता अमित त्रिवेदी के नेतृत्व में जाम लगाकर विरोध जताया तो बड़े चौराहे पर टिेंकू त्रिवेदी की अगुवाई में प्रदर्शन किया गया। नुमाइश चौराहे पर अमित बाजपेई, वसीम अहमद, उपेंद्र दिवाकर के नेतृत्व में नारेबाजी की गई। इसी क्रम में जिंदपीर चौराहे पर अचल अग्रवाल की अगुवाई में व्यापारियों ने प्रदर्शन किया।