सेंट्रल बैंक आफ इंडिया में तीन साल से कार्यरत
बैंकमित्रों ने शनिवार को वेतन की मांग को लेकर कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन
किया। डीएम को ज्ञापन सौंप कर मांग की कि उन्हें बैंक में समायोजित किया
जाए।
कलक्ट्रेट परिसर पहुंचे बैंक मित्रों ने कहा कि वे सेंट्रल बैंक
आफ इंडिया में बीसी या बैंकमित्र के पद पर तीन साल से कार्य करते आ रहे
हैं। उन्हें मानदेय के रूप में 3,750 रुपये प्रतिमाह मिलते हैं। बैंक
मित्रों ने बताया कि अभी दो दिन पूर्व उन्हें बैंक द्वारा बताया गया कि अब
उनकी सेवाएं नहीं जाएंगी।
उन्होंने बैंक से पूछा तो पता चला कि एसएलबीसी
द्वारा अनुमोदन न होने के कारण उनकी सेवाएं बंद की जा रही हैं। बैंकमित्रों
ने कहा कि तीन साल पूर्व ही उन्हें बैंक मित्र के पद पर नियुक्त किया जा
चुका था, इसकी जिम्मेदारी बैंक व एलडीएम बैंक आफ इंडिया एवं संबंधित
सेंट्रल बैंक आफ इंडिया की है।
इसके बावजूद सिर्फ इसी जिले में सेंट्रल
बैंक के बैंक मित्र की सेवाएं बंद की गई हैं। अन्य बैंकों के बैंकमित्र
वेतनमान सहित कार्यरत हैं। इस दौरान बैंकमित्रों ने कलक्ट्रेट में प्रदर्शन
किया और डीएम रमेश मिश्र को ज्ञापन सौंपकर सेवाओं को वेतन सहित बहाल
करवाने एवं बैंकों में समायोजित कराने की मांग की है।
इस मौके पर वीरेंद्र
कुमार सिंह यादव, सौरभ प्रताप सिंह, रामचरण, कृष्णपाल, पंकज कुमार सिंह,
ज्ञानेंद्र सिंह, आदर्श, नंदकिशोर, राजेश कुमार, अनुपम बाजपेई और सुनील
कुमार आदि मौजूद थे। उधर, लीड बैंक प्रबंधक पीके सिंह ने बताया कि बैंक
मित्रों की सेवाएं समाप्त करने की जानकारी नहीं है, वह संबंधित बैंक से
जानकारी लेकर इस बाबत कुछ कह सकेंगे।