फोटो-13-मेडिकल कालेज की ओपीडी में मरीज देखते डा. सौरभ किशोर। संवाद
फोटो-14-ओपीडी में चिकित्सक कक्ष के बाहर लगी मरीजों की लाइन। संवाद
- मेडिकल कालेज में हर रोज आने वाले मरीजों में से 30 फीसदी इसी से पीड़ित
- दिन में गर्मी और सुबह-शाम की सर्दी कर रही मुसीबत
संवाद न्यूज एजेंसी
हरदोई। बदलते मौसम के बीच खांसी, जुकाम और बुखार के मरीज तेजी से बढ़ने लगे हैं। दिन में तीखी धूप और सुबह-शाम सर्दी होने के साथ ही हवा चलने से बीमारी बढ़ रही है। हाल यह है कि मेडिकल कॉलेज की ओपीडी में आने वाले मरीजों में से लगभग 30 फीसदी मरीज खांसी, जुकाम और बुखार के ही हैं।
पिछले कुछ दिनों से मौसम में आए दिन बदलाव दिख रहा है। दिन में तेज धूप हाेती है, लेकिन सुबह-शाम सर्दी रहती है। इस बीच कई बार बूंदाबांदी और ओले गिरने के कारण मौसम सर्द भी हुआ, लेकिन दिन में फिर से धूप हो जाने से गर्मी हो गई। गर्मी सर्दी के कारण लोगों का बुखार और खांसी जुकाम की समस्या बढ़ी है।
जुकाम होने के कारण लोगों के सीने में जकड़न भी हो रही है। इससे परेशान होकर मरीज मेडिकल कॉलेज पहुंच रहे हैं। दरअसल दिन में गर्मी होने के कारण अधिकांश लोग ऊनी कपड़े (हाफ स्वेटर और जैकेट) भी नहीं पहनते, लेकिन शाम होते होते सर्द हवाएं परेशान करने लगती हैं। सीधी हवा और सर्दी लगने से खांसी जुकाम के मरीज बढ़ रहे हैं।
मेडिकल कॉलेज के फिजीशियन और असिस्टेंट प्रोफेसर डा. सौरभ किशोर बताते हैं कि बदलते मौसम में सावधानी अधिक रखनी चाहिए। उन्होंने बताया कि बीपी और डायबिटीज के मरीजों को भी इस उतार-चढ़ाव के मौसम में सतर्कता बरतनी चाहिए। उन्होंने बताया कि मेडिकल कॉलेज आने वाले मरीजों में से औसतन 30 फीसदी मरीज खांसी, जुकाम और बुखार के हैं।
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डाक्टर की सलाह
मेडिकल कालेज के असिस्टेंट प्रोफेसर डा. सौरभ किशोर का कहना है कि अभी ऊनी कपड़ों से दोस्ती रखना ही ठीक है। मौसम कुछ घंटों में ही बदल जाता है। स्वेटर और जैकेट का इस्तेमाल करते रहना चाहिए। लापरवाही महंगी पड़ सकती है। गुनगुने पानी का सेवन भी करते रहना चाहिए।