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संसाधनों की कमी से जूझ रहे रोगी

Tue, 28 Jul 2015 11:45 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला,हरदोई
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कटरा-बिल्हौर हाईंवे पर स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में गर्भवती महिलाओं को प्रसव की सुविधा मिलने से काफी राहत मिली है, वहीं यहां बिजली आपूर्ति जाने पर रात को जनरेटर के अभाव मेें स्टाफ नर्साें को अंधेरे मेें टार्च का सहारा लेकर प्रसव कराना पड़ रहा है, वहीं अस्पताल परिसर के वार्डों में अंधेरा छाया रहने से भी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
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22 जुलाई को इस सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर महिलाओं को प्रसव कराने की सुविधा स्वास्थ्य महकमे ने शुरू की। यहां ग्रामीण इलाके से अब तक 13 महिलाएं आईं और उनको सामान्य रूप से प्रसव कराया गया। एक मरीज को जिला अस्पताल रेफर किया गया। अब इन महिलाओं को जननी सुरक्षा योजना के तहत 1400 रुपये देने की कार्रवाई चल रही है।

अस्पताल मेें बिजली आपूर्ति न रहने पर भर्ती जच्चा बच्चा को गर्मी व अंधेेरे में रात काटनी पड़ रही है। स्टाफ  नर्स प्रीति और रीतू, वार्ड आया उमा ने बताया कि रात में प्रसव के लिए टार्च की रोशनी व मोमबत्ती का सहारा लेना पड़ता है। अस्पताल में एक्सरे और अल्ट्रा साउंड की सुविधा न होने से ग्रामीण इलाके के मरीजों को अन्यत्र भटकना पड़ता है।
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गर्भवती महिलाआें को भी प्राइवेट डाक्टरों की शरण में जाना पड़ रहा है। संसाधनों के नाम पर यहां आपरेशन थिएटर के उपकरण और अन्य सामान एक कमरे में पड़े धूल खा रहे हैं। मरीजों के वार्डों तक के स्ट्रेचर टूटे हैं, जिससे लोगोें को मरीजों को गोद में उठाकर वार्डों तक ले जाना पड़ रहा है। स्टाफ के नाम पर डा. वीरसेन को यहां संबद्ध किया गया है।

डा. वंदना तीन दिन हरपालपुर और तीन दिन यहां बैठती है। डाक्टरों के जिला मुख्यालय कार्य पर चले जाने पर मरीजों को देखने का कार्य फार्मेसिस्ट के हवाले रहता है। यहां रोग विशेषज्ञ चिकित्सकों की तैनाती न होने के साथ सामान्य दवाओं का भी अकाल है। वहीं परिसर में लगे मोटर की खराबी से पेयजल का भी संकट है, जिससे कर्मियों के आवास की भी टंकियां सूखी पड़ी हैं। इस बाबत सीएमओ डा. वीके गुप्ता ने बताया कि मामले की जानकारी लेकर जरूरी इंतजाम किए जाएंगे।
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