कटरी के परचौली गांव में जंगली जानवर के हमले से घायल सत्यवती।
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हरपालपुर/हरदोई। जंगली जानवर गुरुवार रात अरवल थाना क्षेत्र मे रामगंगा की कटरी में पहुंच गया। रात में ही पचरौली गांव के एक घर में सो रही महिला पर हमला कर घायल कर दिया। महिला ने जैसे ही चिल्लाना शुरू किया वह भाग निकला। गांव पहुंची वन विभाग की टीम ने पंजों की फोटो वाइल्ड लाइफ के विशेषज्ञों को पुष्टि के लिए भेजी। उधर, घायल महिला को सीएचसी भेजा गया है।
परचौली गांव रामगंगा नदी के किनारे पर बसा है। ग्रामीणों के अनुसार गुरुवार की रात लगभग 10:30 बजे गांव के सभी सदस्य सो रहे थे। उसी समय गांव निवासी अजयपाल सिंह के घर के पीछे बनी एक कच्ची दीवार के सहारे जंगली जानवर ने आंगन में छलांग लगाकर घर में सो रही अजयपाल सिंह की पुत्री सत्यवती (34) निवासी ग्राम भैलामऊ थाना लोनार पर हमला कर दिया।
उसने उसके चेहरे पर ही पंजा मारा। चीख-पुकार सुनकर घर के अन्य परिजनों सहित गांव वालों की नींद खुल गई और वह घेराबंदी करने लगे। शोरगुल सुनकर जंगली जानवर जिस रास्ते से आया था। उसी से वापस कुंडा की कटरी में भाग निकला।
ग्रामीणों ने यूपी-100 पुलिस को फोन कर सूचना दी। पुुलिस ने रात में ही गांव पहुंचकर ग्रामीणों से जानकारी ली। पूरी रात असलहों को लेकर गांव वालों ने टोलियां बनाकर रतजगा किया। घायल महिला सत्यवती को सीएचसी में भर्ती कराया गया। उपचार के बाद घर भेज दिया गया।
वन रेंज अधिकारी विक्रम सिंह सचान, उप वन रेंज अधिकारी रत्नेश श्रीवास्तव ने दल बल के साथ शुक्रवार को खेत से लेकर आबादी तक में जानवर के पंजों की तलाश की। वन विभाग की टीम ने पीड़ित महिला के घर जाकर उसके चेहरों पर भी निशान देखे और घर के आस-पास मिले निशान को वाइल्ड लाइफ को भेज दिए।
वन रेंज अधिकारी विक्रम सिंह सचान ने बताया कि जंगली जानवर तेंदुआ ही है कह नहीं सकते हैं क्योंकि इसके पैर का साइज पहले मिले साइजों के कम तो है। हमलों में भी सिर्फ वह निशान बनाकर चला गया। पंजों की पुष्टि के बाद ही कुछ कहा जा सकता है। उधर, गुरुवार दोपहर भीखपुर गांव में ग्रामीणों ने तेंदुए को घूमते हुए देखा था। लोगों का कहना था कि वह तेंदुआ ही था।