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गढ़ी चांद में जंगली जानवर की दहशत

Thu, 27 Apr 2017 12:05 AM IST
ब्यूरो, अमर उजाला हरदोई
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शाहाबाद क्षेत्र के ग्राम गढ़ी चांद खां में देखे गए यह जंगली जानवर के पंजे के निशान। - फोटो : Amar ujala
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शाहाबाद क्षेत्र के गढ़ी चांद में जंगली जानवर देखा गया। ग्रामीणों ने पुलिस को सूचना दी। गांव पहुंची वन विभाग की टीम ने भी क्षेत्र में डेरा डाल दिया है। उधर तेंदुआ की चर्चा से बागों में आम की फसल रखाने वाले बागवानों में दहशत का माहौल है।
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डीएफओ बोले, सभी सतर्क रहें। उन्होंने किसी भी आहट पर वन विभाग की टीम को सूचना देने की अपील की है। कोतवाली क्षेत्र के ग्राम गढ़ी चांद में मंगलवार की देर शाम जंगली जानवर की चहल कदमी से आस-पास के इलाके में दहशत का माहौल बन गया है। बीती रात जंगली जानवर को गांव के बाहर एक बाग के पास उसे घूमते देखा गया। शोरगुल से वह गायब हो गया। इसके बाद यूसुफ नामक व्यक्ति ने कोतवाली पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने ग्रामीणों के साथ आसपास के क्षेत्र को खंगाला लेकिन पता नहीं चल सका।

जिसके बाद कोतवाली पुलिस ने इसकी जानकारी डीएफओ अतुल अस्थाना को भी दी। जिसके बाद उन्होंने रेंजर को मौके पर जाकर वहां की स्थितियों को देखने के लिए निर्देशित किया। बुधवार की सुबह वन विभाग के रेंजर आरएन गुप्ता, फारेस्टर तेज प्रताप ने गांव वालों के साथ तलाश की। इसमें गांव से बाहर जाने वाले रास्ते पर लगभग पांच सौ मीटर के अंदर किसी जानवर के पंजों के निशान पाए गए। निशानों को देखकर किसी जानवर की उपस्थिति स्पष्ट देखी गई। गांव के अधिकांश बच्चे, महिलाएं घरों से बाहर निकलने में डर महसूस कर रही हैं।
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11 अप्रैल को थाना बेहटागोकुल में पीरपुर गांव के निकट तेंदुआ ने कई लोगों को जख्मी कर दिया था। इसमें वन विभाग का सुधीर कुमार भी घायल हो गया था। लगभग एक पखवारा तक जानवर की गतिविधियां थमी रहीं लेकिन अब गढ़ी चांद में जानवर की मौजूदगी चर्चा में आ रही है। यद्यपि अभी तक इस क्षेत्र में जानवर के  किसी पर हमला करने की सूचना नहीं है।

आज पंजे के निशान लेकर भेजे जाएंगे लैब
डीएफओ अतुल अस्थाना ने बताया कि बुधवार को पंजों के निशान लिए जाएंगे और वह तेंदुआ है या नहीं उसको लखनऊ लैब में भेजा जाएगा जिसके बाद पता चल सके गा वह तेंदुआ है या नहीं। फिलहाल इतना तो तय है कि कोई न कोई जंगली जानवर अवश्य है। गांव वाले सतर्क रहे। वन विभाग की टीम पूरे समय सतर्क रहेगी।

गर्रा किनारे बसा है गढ़ी चांद
गर्रा नदी के किनारे गढ़ी चांद गांव बसा है। कहने में कोई दो राय नहीं कि गर्रा के किनारे किनारे ही यह जंगली जानवर चल रहा है और आबादी में आ गया है। यही नहीं गढ़ी से गायब होने के बाद गर्रा के किनारे अन्य गांवों में भी दहशत फैल गई है।
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