हरदोई। पंचायत सचिव ग्राम पंचायत के सचिवालयों में काम कराने से कतराते रहते हैं। वहीं, नौ ग्राम पंचायत के पांच पंचायत सचिवों ने सचिवालय से भुगतान न कर दूसरे स्थान से भुगतान किया है। इसकी पुष्टि भी ई-ग्राम स्वराज से पोर्टल पर हो रही है।
पंचायतीराज विभाग ने गांवों में होने वाले विकास कार्यों, खरीदारी की कार्ययोजना, और भुगतान आदि के लिए ई-ग्राम स्वराज से जुड़े कामों को पंचायत सचिवालय में लगवाए गए कंप्यूटर पर ही किए जाने की अनिवार्यता दी है। इसके लिए इन कंप्यूटर सिस्टम को पंचायत सचिवालय की लोकेशन से मैच कराया गया है। बताया गया कि विकास खंड सांडी की चौसार, माधौगंज की मटियामऊ, शुक्लापुर भगत, सुरसा की बौसरा, कैरमैर, कौथेलिया, ओदरा नेवलिया, टोडरपुर की लोना कंहारपुर और अंडौआ के पंचायत सचिवालय में कार्यालय से काम करने से पंचायत सचिव कतराते हैं। बताया गया कि इन पंचायतों के पंचायत सचिवों ने गेटवे पर ऑनलाइन भुगतान की प्रक्रिया पंचायत सचिवालय के स्थान पर दूसरे स्थान से की है। इसकी पुष्टि ई-ग्राम स्वराज के पंचायत गेटवे पोर्टल पर पंचायत गेटवे ट्रांजेक्शन नॉट मैच से हो रही है।
पांच पंचायत सचिवों को कारण बताओ नोटिस
जिला पंचायत राज अधिकारी विनय कुमार सिंह ने बताया कि पंचायत सचिवालय के स्थान पर दूसरे स्थान से भुगतान करने पर पांचों पंचायत सचिवों को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं। इसमें टोडरपुर की मानसी यादव ने 6,38,855 रुपये, टोडरपुर के ही अरविंद कुमार वर्मा ने 1,20,273 रुपये, सुरसा के संजय तिवारी ने 68,415 रुपये, माधौगंज के संजीव कुमार ने 25,600 रुपये और सांडी के अमित वर्मा ने 4,50184 रुपये का भुगतान किसी दूसरे स्थान से किया है। सभी से दो दिन के अंदर जवाब मांगा गया है। जवाब न आने पर विभागीय कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।