हरदोई। फसल सर्वे किए जाने से पंचायत सहायकों ने हाथ खड़े कर दिए हैं। पंचायत सहायक संघ के बैनर तले बुधवार को पंचायत सहायक कलक्ट्रेट में एकत्र हुए। फसल सर्वे का बहिष्कार किया और डीपीआरओ को संबोधित ज्ञापन सिटी मजिस्ट्रेट को सौंपा।
पंचायत सहायक संघ के बैनर तले पंचायत सहायकों ने दिए गए ज्ञापन में कहा कि फसल सर्वे काम पंचायत सहायकों को दिया गया है जबकि यह काम कृषि और राजस्व विभाग का है। कहा कि पंचायत सहायकों के पास 70 साल आयु से अधिक के बुजुर्गों के आयुष्मान कार्ड बनाए जाने और मुख्यमंत्री बाल सेवा येाजना, राष्ट्रीय पारिवारिक लाभ योजना, रेट्रोफिटिंग का काम, परिवार रजिस्टर नकल, फैमिली आईडी आदि बनाने के काम हैं।
फसल सर्वे किए जाने से पंचायत भवन बंद रहेगा और लोगों के जनसेवा केंद्र से जुड़े और अन्य काम नहीं हो सकेंगे। महिला पंचायत सहायकों को खेत पर जाकर काम करने में दिक्कतें होगी। ज्ञापन सौंपने वालों में गुरुदीप कुमार, रोहित कुमार, शिखा गुप्ता, ज्योति शर्मा, आशीष पांडेय, प्रदीप कुमार, राजीव पाल, शिवम, दीक्षा पाल, निधि सिंह, इंद्रेश कुमार आदि शामिल रहे।
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काम न करने पर डीपीआरओ ने 603 पंचायत सहायकों का नौ दिन का मानदेय रोका
डीपीआरओ विनय कुमार सिंह ने बताया कि पंचायत सहायकों की फसल सर्वे में उनकी ग्राम पंचायत में ही ड्यूटी लगाई गई है। सभी को शासन की प्राथमिकता से जुड़े फसल सर्वे के काम की जिम्मेदारी सौंपी गई है। बताया कि काम न करने की आख्या पर 18 विकास खंडों के 603 पंचायत सहायकों का एक से नौ सितंबर तक के मानदेय भुगतान पर रोक लगा दी गई है।
बताया कि सभी पंचायत सचिवों और सहायक विकास अधिकारियों से कहा गया कि पंचायत सहायकों से अन्य काम के साथ ही फसल सर्वे का भी काम लिया जाए। काम न करने वाले पंचायत सहायक को नो वर्क-नो मानदेय के आधार पर मानदेय भुगतान न किया जाए। बताया कि सांडी में 25, बिलग्राम में 51, हरियावां में 54, बावन में 21, बेहंदर में 13, कछौना में 16, भरावन में 38, माधौगंज में 54, अहिरोरी में 20, हरपालपुर में 14, भरखनी में 20, संडीला में 51, कोथावां में 53, पिहानी में 20, सुरसा में 41, मल्लावां में 33, टोडरपुर में 33 और टड़ियावां में 46 पंचायत सहायकों के मानदेय भुगतान पर रोक लगाई गई है।