केंद्र सरकार की इंदिरा आवास और प्रदेश सरकार की
लोहिया आवास योजना चलने के बावजूद गरीब तबके को आवास मुहैया नहीं हो पा रहा
है। हैरत की बात तो यह है कि अफसरों के चक्कर काटने के बावजूद इन्हेें
योजना से लाभान्वित नहीं किया जा रहा है।
मंगलवार को तहसील क्षेत्र के
तेरिया गांव निवासी अर्जुन का हाल देखने से योजनाओं के दावे हवाई में उड़ते
नजर आए। पत्नी और बच्चों के साथ वह बांस के टट्टर का घेरा बना, उस पर
पालीथिन डालकर रहने को विवश है। बीपीएल सूची में नाम होने के बावजूद उसे
आवास योजना का लाभ नहीं मिल पा रहा है।
उसकी हालत देख ग्राम प्रधान ने उसका
खाता खुलवा कर इंदिरा आवास स्वीकृत कराया, पर सुविधा शुल्क न दे पाने के
कारण ब्लाक से उसे फूटी कौड़ी तक नहीं मिली। ब्लाक के कर्मचारियोें ने
यह कहकर टरका दिया कि उसका नाम सूची से कट गया था, अब उसकी जगह आवास का
पैसा किसी दूसरे के नाम आवंटित कर दिया गया है।
अर्जुन ने जिलाधिकारी से
ब्लाक कर्मचारियाें की शिकायत करते हुए आवास दिलवाने की मांग की है।
जिलाधिकारी रमेश मिश्र ने बताया कि शिकायत अभी मिली नहीं, मिलने पर जांच क
राई जाएगी, यदि कोई दोषी होगा तो कार्रवाई होगी।