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ऑक्सीजन प्लांट संचालन को नहीं हुई ऑपरेटर की तैनाती

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फोटो-17- सीएचसी में वार्ड में पड़े बेड लगे ऑक्सीजन प्वाइंट। संवाद - फोटो : HARDOI
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पिहानी। कोरोना के नए वैरिएंट ओमिक्रॉन से निपटने के लिए स्वास्थ्य महकमा तैयारियां पूरी होने का दावा कर रहा है। पिहानी सीएचसी में ऑक्सीजन प्लांट भी लगाया गया लेकिन उसे चलाने के लिए ऑपरेटर की तैनाती नहीं हो सकी है। लैब टेक्नीशियन को ही प्रशिक्षण देकर ऑक्सीजन प्लांट चलाने की भी जिम्मेदारी दी गई है।
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पिहानी क्षेत्र में कोरोना की दूसरी लहर में 48 मरीज मिले थे। ऑक्सीजन की कमी को लेकर मारामारी रही थी। जिसके बाद यहां सीएचसी में ऑक्सीजन प्लांट लगाया गया, अस्पताल में 30 बेडों तक ऑक्सीजन की आपूर्ति की व्यवस्था की गई। प्लांट की क्षमता 167 लीटर प्रति मिनट है। इसके अलावा सीएचसी में 20 जंबो व आठ छोटे ऑक्सीजन सिलिंडर भी हैं। सीएचसी से चार डॉक्टर, एलटी समेत 30 कर्मचारियों की टीम जांच के लिए लगाई गई है। लैब टेक्नीशियन विमलेश को प्लांट चलाने का प्रशिक्षण दिया गया है।
रोज 150 आरटीपीसीआर जांच की जा रही है। सीएचसी समेत क्षेत्र में 30 केंद्र बनाकर टीकाकरण कराया जा रहा है। प्लांट से 30 बेडों पर ऑक्सीजन सप्लाई चालू कर दी गई है।
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- जितेेंद्र श्रीवास्तव, सीएचसी अधीक्षक, पिहानी
पिहानी। सीएचसी में भले ही ऑक्सीजन प्लांट लग गया हो लेकिन वेंटिलेटर नहीं है। ऐसे में गंभीर मरीजों को दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है।
पिहानी। नगर क्षेत्र में जन जागरूकता के अभाव में टीकाकरण की रफ्तार ग्रामीण क्षेत्रों की तुलना में काफी सुस्त है। अब तक 76 प्रतिशत टीकाकरण हो सका है। सीएचसी प्रशासन 30 कर्मचारियों को लगाकर टीकाकरण का दावा कर रहा है। इसके बावजूद टीकाकरण अभी तक अधूरा है।

फोटो-18- पिहानी सीएचसी में लगा ऑक्सीजन प्लांट। संवाद- फोटो : HARDOI

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