संवाद न्यूज़ एजेंसी
हरदोई। कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर के दौरान ऑक्सीजन की कमी की खबरों के बीच जिला महिला अस्पताल में लगवाए गए दो ऑक्सीजन प्लांट खराब हो गए हैं। महज 22 माह में ही दोनों ऑक्सीजन प्लांट की सांसें टूट गई हैं। इनमें से एक ऑक्सीजन प्लांट पीएम केयर फंड से लगा था, जबकि दूसरा प्लांट एचसीएल फाउंडेशन ने स्थापित कराया था। दोनों ऑक्सीजन प्लांट खराब हो जाने के कारण अस्पताल में भर्ती मरीजों को ऑक्सीजन की जरूरत पड़ने पर कंसंट्रेटर से काम चलाया जा रहा है।
कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर के दौरान ऑक्सीजन की काफी कमी हुई थी। भविष्य में कभी ऐसी स्थिति न आए इसलिए पूरे जिले में अलग-अलग स्थानों पर 13 ऑक्सीजन प्लांट स्थापित कराए गए थे। जिला महिला चिकित्सालय परिसर में दो ऑक्सीजन प्लांट स्थापित हुए थे। एचसीएल फाउंडेशन ने महिला अस्पताल के पचास बेड तक सीधे प्लांट से ऑक्सीजन भिजवाने की व्यवस्था की थी। 367 लीटर पर मिनट क्षमता का प्लांट स्थापित किया गया था।
इसी परिसर में 50 और बेड पर ऑक्सीजन सप्लाई का प्लांट पीएम केयर फंड के फेज तीन से स्थापित किया गया था। यह प्लांट 250 लीटर पर मिनट ऑक्सीजन की क्षमता का था। इसकी स्थापना के लिए डीआरडीओ के अधिकारी आए थे और उन्होंने ही इसका इंस्टॉलेशन किया था। 22 सितंबर 2021 को पीएम केयर फंड के ऑक्सीजन प्लांट और दो सितंबर 2021 को एचसीएल फाउंडेशन के ऑक्सीजन प्लांट का लोकार्पण हुआ था।
स्थापना के महज 22 माह बाद ही दोनों ऑक्सीजन प्लांट खराब गए। प्लांट खराब होने की जानकारी पर महिला अस्पताल के सीएमएस ने इंजीनियर बुलाए तो प्राथमिक तौर पर पता चला कि ऑक्सीजन जेनरेट नहीं हो रही है। इसके लिए विस्तृत जांच की आवश्यकता पड़ेगी। बहरहाल ऑक्सीजन प्लांट ठप हो जाने से अब जरूरत पड़ने पर मरीजों को कंसंट्रेटर से ऑक्सीजन दी जा रही है।
वर्जन
मेडिकल कालेज से संबद्ध महिला अस्पताल के दोनों ऑक्सीजन प्लांट खराब होने की जानकारी है। महिला अस्पताल के सीएमएस ने बताया है कि मरम्मत में लगभग 78 हजार रुपये का खर्च एक प्लांट पर आएगा। अभी शासन से एक ही प्लांट की मरम्मत के लिए बजट मांगा गया है।
डा. आर्य देश दीपक
प्राचार्य, मेडिकल कालेज