संडीला। ग्रामीणों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने संडीला ब्लॉक के मीरनगर अजिगवां में करीब 15 वर्ष पूर्व भवन निर्माण कराकर स्वास्थ्य उपकेंद्र की स्थापना की थी, लेकिन ग्रामीणों की इलाज की जगह उपकेंद्र को ही अब इलाज की दरकार है।
जब से केंद्र की स्थापना की गई, तब से आज तक न तो कोई कर्मचारी झांकने गया और न ही डाक्टर। यह स्वास्थ्य केंद्र तत्कालीन प्रधान मो. साहिल के कार्यकाल में बना था।
साहिल का कहना है कि उस समय इस केंद्र पर एएनएम के अलावा डॉक्टर व अन्य कर्मचारियों की भी नियुक्ति की गई थी, लेकिन आज तक कोई कर्मचारी और डॉक्टर इस केंद्र पर नहीं पहुंचा।
कोई सुविधा उपलब्ध न होने से ग्रामवासी स्वास्थ्य सुविधाओं से वंचित हैं। स्वास्थ्य कर्मचारी, डॉक्टर अथवा दवा आदि उपलब्ध न होने के कारण ग्रामवासी भी इस केंद्र पर नहीं पहुंच रहे हैं।
इस प्रकार सरकार व स्वास्थ्य विभाग का लाखों रुपया पानी में चला गया। धीरे धीरे उपकेंद्र की हालत खस्ता होना शुरू हो गई। उपकेंद्र 15 वर्षों में रखरखाव के अभाव में बेकार हो गया।
उपकेंद्र बंद होने से भवन के चारों तरफ घास व झाड़ियां हो गई हैं। वीरान हो जाने के कारण अब केंद्र पर कोई सुविधा उपलब्ध नहीं है।
गांव के प्रधान रफीक गाजी, मो. हसन, पप्पू, सिराज, तुफैल, सूरज, रामपाल, वीरेंद्र का कहना है कि जब से उपकेंद्र बना है, कोई डॉक्टर व कर्मचारी नहीं आया और न किसी को दवा मिली है।
अब भवन भी जर्जर हो गया है। प्रधान का कहना है कि उन्होंने बीडीसी की बैठक में भी उपकेंद्र चालू करने की मांग की, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। भवन की रंगाई-पुताई व साफ सफाई भी नहीं हुई।
स्वास्थ्य उपकेंद्र जर्जर एवं वीरान है। भवन के सामने लगा इंडिया मार्क हैंडपंप भी वर्षों से खराब पड़ा है। मरम्मत तक नहीं हुई। सीएचसी प्रभारी डॉ. शरद वैश्य का कहना है वह केंद्र का निरीक्षण कर आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने की कोशिश करेंगे।