ओवर लोडिंग और गर्मी के चलते जिले में आए दिन विद्युत
ट्रांसफार्मर फुं क रहे हैं। इससे एक ओर जहां विभाग को लाखों रुपयों का
नुकसान उठाना पड़ रहा है, वहीं उपभोक्ताओं को खासी दिक्कतों का भी सामना
करना पड़ रहा है। एक साल में करीब 2165 ट्रांसफार्मर फुंक चुके हैं, इनमें
अभी भी 155 फुंके ट्रांसफार्मर विभाग नहीं बदलवा पाया।
वहीं नए
वित्तीय वर्ष में 20 मई तक करीब 95 ट्रांसफार्मर और फुंक चुके हैं। अब
स्थिति यह है कि विभाग के पास स्टोर पर ट्रांसफार्मरों का टोटा पड़ गया है,
जिसके चलते करीब एक दर्जन स्थानों पर मोबाइल ट्रांसफार्मरों से काम चलाया
जा रहा, लेकिन अब मोबाइल ट्रांसफार्मर भी दगने लगे हैं।
शुक्रवार को
जिले के कुछ स्थानों का जायजा लिया गया तो हकीकत देखने को मिली। शहर के
बड़े चौराहा स्थित पोल किनारे रखा 630 केवी का विद्युत ट्रांसफार्मर 11 मई
को तेज लपटों के बीच धड़ाम हो गया। नया ट्रांसफार्मर न मिलने पर विभाग ने
वैकल्पिक व्यवस्था के लिए वहां पर मोबाइल ट्राली खड़ी करवा दी थी, जिसके
चलते अब आए दिन यहां जाम लग रहा।
शहर के सर्वाधिक व्यस्ततम
सिनेमा रोड पर लगा ट्रांसफार्मर 9 मई को खराब हुआ था। यहां पर भी एक मोबाइल
ट्रांसफार्मर की ट्राली खड़ी करवा दी गई। विभाग ने जैसे तैसे तीन दिन पहले
ट्रांसफार्मर तो बदलवा दिया, लेकिन मोबाइल ट्राली अभी भी यहां से नहीं
हटवाई गई, जिसके चलते आए दिन यहां पर जाम लग रहा है।
पिहानी चुंगी
मार्ग पर लगा ट्रांसफ ार्मर 17 मई को फुं क गया था। विभाग ने नया ट्रांसफ
ार्मर न होने से यहां भी मोबाइल ट्रांसफ ार्मर ट्राली खड़ी करवा दी। इसके
बाद कोई विभागीय अधिकारी यहां पर सुधि लेने नहीं आया। पूछने पर अवर अभियंता
ने बताया कि स्टोर में नया ट्रांसफार्मर आने पर इसे बदला जाएगा।
पिहानी
चुंगी रोड स्थित सहकारी बैंक के निकट लगा ट्रांसफार्मर 18 मई को फुंक गया
था। यहां भी एक मोबाइल ट्रांसफार्मर की ट्राली खड़ी करवा दी गई। इस क्षेत्र
के करीब 400 उपभोक्ता इस ट्रांसफार्मर से जुड़े हैं। सड़क पर खड़ी ट्राली
के चलते यहां भी आए दिन जाम लग रहा, पर जिम्मेदार इस पर ध्यान नहीं दे रहे
हैं।
जिले के बिजली विभाग का स्टोर रूम सांडी रोड पर स्थित है।
यहां 250, 400 और 600 केवीए के ट्रांसफार्मर स्टाक में नहीं हैं। स्टोर
प्रभारी ने बताया कि उनके यहां 63 व 100 केवीए के ट्रांसफार्मर स्टाक में
हैं। इसके ऊपर की क्षमता की डिमांड भेजी गई है।
विद्युत विभाग की
स्थानीय वर्कशाप में 10, 16, 25, 63 और 100 केवीए की क्षमता के
ट्रांसफार्मरों की मरम्मत हो पाती है। इसके ऊपर 160, 250, 400 व 630 केवीए
केे ट्रांसफार्मर लखनऊ स्थित वर्कशाप भेजे जाते हैं। विभागीय अफसरों के
अनुसार, क्षमता के अनुसार करीब 2.5 लाख से 15 लाख तक का खर्चा एक
ट्रांसफार्मर की मरम्मत पर आता है।