हरदोई। जिले के दस ब्लाकों में दो माह से डायरिया, मलेरिया, वायरल का प्रकोप जारी है। एक साथ दर्जनों लोग बीमारियों की चपेट में हैं। ग्रामीणों की सूचना पर पहुंची स्वास्थ्य विभाग की टीम केवल खानापूर्ति तक ही सीमित है। इसकी पुष्टि हरपालपुर ब्लाक का ज्यूरी चंद्रमपुर गांव में देखने को मिली। गांव के लगभग एक दर्जन बच्चे जिला अस्पताल में भर्ती कराए गए हैं।
सीएमओ डा. एके श्रीवास्तव ने बताया कि जिला अस्पताल, जिला महिला अस्पताल, सीएचसी, पीएचसी पर आने वाले रोगियों के इलाज के लिए पहले से ही तैयारियां पुख्ता कर ली गई थी। चिकित्सा अधीक्षकों को क्षेत्र के गांवों में नजर रखने के निर्देश हैं। किसी गांव में एक साथ अधिक लोग बीमार होते हैं, तो डाक्टरों की टीम भेजकर रोगियों की जांच कर दवाएं दी जा रही हैं। गांव में रोगियों की खून की जांच के लिए स्लाइड भी बनाई जा रही हैं।
सीएमओ ने बताया कि बाढ़ प्रभावित इलाकों में कुल 42 चौकियों पर स्वास्थकर्मियों की ड्यूटी लगाई गई है। जिले के सभी सरकारी अस्पतालों पर पर्याप्त दवाइयों को स्टाक है। वहीं, सीएमओ के दावों की हकीकत हरपालपुर ब्लाक का ज्यूरी चंद्रमपुर गांव बया करता है। जहां पर मंगलवार को बुखार से दो बच्चों की मौत हो गई थी। दो बच्चों की मौत होने की सूचना के बाद सीएचसी से डाक्टरों की टीम गांव पहुंची थी। रोगियों की जांचकर दवा वितरण कर कर्तव्यों की इतिश्री कर ली।
इसके बाद बच्चों की हालत गंभीर होने पर परिजनों ने जिला अस्पताल में भर्ती कराया है। भर्ती कराए गए बच्चों के गले में सूजन व दाने निकले हैं। गांव पहुंची डाक्टरों की टीम ने पानी के नमूने भरे थे। जांच के लिए मुंबई भेजा गया है। जिला अस्पताल में बने कंट्रोल रूम के नोडल अधिकारी एके गुप्ता ने बताया कि इस प्रकार की बीमारी स्किन से संबंधित होती है, जो कि गंदगी व गंदा पानी पीने से होती है।