जनपद में लोकल फाल्टों को कम करने तथा विद्युत चोरी पर लगाम लगाने के लिए एरियर बंच कंडक्टर लगाने की योजना उदासीनता की भेंट चढ़ी जा रही है। नौ दिन चले अढ़ाई कोस की कहावत विभाग पर बिलकुल फिट बैठ रही है।
तीन वर्षों से नगर क्षेत्रों में एरियर बंच कंडक्टर बिछाई जा रही है लेकिन अभी तक शहर में ही सिर्फ 50 फीसदी काम हुआ है। यह कार्य पहले ही पूरा हो जाना चाहिए था। एरियर बंच कंडक्टर का काम सभी मोहल्लों में न होने से जहां एक ओर लोकल फाल्ट बढ़ रहीं हैं वहीं विभाग को भी विद्युत चोरी से लाखों का चूना प्रतिवर्ष लग जाता है।
चार नगर क्षेत्रों सहित शहर में भी मोहल्लों और गलियों में बांस और बल्लियों के सहारे बिजली के तार लटके हैं। यहां अभी तक एरियर बंच कंडक्टर लाइन नहीं डाली गई। ये हाल तब है जब जिले को एबीसी लाइन डालने के लिए छह करोड़ रुपये दिए गए हैं। शहर के कुछ मोहल्लों में खंभों पर लटके जर्जर तारों पर अनुपम कीर्ति भारद्वाज की एक रिपोर्ट।