अच्छे दिनों की आस लगाए बैठे लोगों को अब महंगाई से
जूझना पड़ रहा है। आलम यह है कि एक साल मेें दालों के दाम डेढ़ से दोगुने
तक बढ़ गए, वहीं सब्जियों के दाम आसमान पर है। प्याज ने तो सब्जी का जायका
ही बिगाड़ दिया। महंगाई से अब आम लोगों की रसोई का बजट बिगड़ रहा है। वहीं
होटलों में भोजन की थाली में भी महंगाई की मार दिखने लगी है।
केंद्र
में भाजपा सरकार के आने के बाद लोगों को उम्मीद थी कि अब उनके दिन बदलेंगे,
महंगाई से भी निजात मिलेगी, पर दालों और सब्जियों पर छाई महंगाई ने उनके
सपनों को तोड़ दिया। चीनी ने जहां मिठास बढ़ाई वहीं अरहर, मूंग, मसूर की
दालों के दाम आसमान छू रहे हैं।
सब्जियोें का राजा आलू फु टकर मंडी में 10
से 15 रुपये व प्याज 60 रुपये किलो में बिक रहा है, वहीं अन्य सब्जियों के
दाम प्रतिदिन चढ़ते दिख रहे है। दो दिनों में टमाटर पर 10 रुपये प्रति किलो
की बढ़त देखी गई। इसका असर गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों पर पड़ रहा है।
छोटे तबके के लोग जहां मेहनत मजदूरी कर पांच रुपये में एक पराठा खा लेते
थे।
अब उन्हें भी उसके सात रुपये देने पड़ रहे हैं। कुछ होटलों में खाने
की थाली भी हल्की कर दी गई है। सब्जी और दाल में जहां कटौती की वहीं रोटी
का साइज भी छोटा कर दिया। कुरेदने पर कुछ होटल मालिक बोले कि दाम बढ़ाने पर
ग्राहक टूटेंगे। ऐसे में बीच का रास्ता निकाला है। महंगाई का असर रसोई के
बजट पर भी पड़ रहा है। गृहिणी आराधना, शांती, अनामिका, वंदना, सुधा का कहना
है कि अब दाल बनाने के लिए भी सोचना पड़ता है।