हरदोई। ठंड का मौसम शुरू होते ही सब्जियों के दाम उछाल मार रहे हैं। टमाटर के दाम जहां बेकाबू हो रहे हैं वहीं प्याज के चढ़ते दाम आंसू निकाल रहे हैं। किचन पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ने के बाद गृहणियों के माथे पर बल पड़ ही रहा है। साथ ही भोजन की थाली में सब्जियों की संख्या घटती जा रही है।
सब्जी मंडी से जुड़े जानकारों का मानना है कि सर्दी शुरू होते ही जहां दूर दराज से जिले में आने वाली सब्जियां कम हो जातीं हैं, वहीं सहालग शुरू होने से सब्जियों की मांग भी बढ़ती जाती है। जिससे कारण हरी सब्जियां इन दिनों महंगी लग रहीं हैं और घरों का बजट के साथ स्वाद भी बिगाड़ रहीं हैं। गुरुवार को भी सब्जी की दुकानों पर टमाटर महंगाई से और लाल होते दिखे। कहीं 40 तो कहीं 50 रुपये प्रति किलो तक इनकी बिक्री होते दिखी। इसी तरह प्याज भी रौबीला सा दिखा। इसकी बिक्री 65 से 70 रुपये प्रति किलो होती दिखी। जिसका सीधा असर मध्यम वर्गीय परिवारों की भोजन की थाली पर पड़ता दिखाई दे रहा है।
रसोई का पूरा बजट बिगड़ा
चौहानथोक निवासी नूरजहां का कहना है कि इन हरी सब्जियों ने तो रसोई का पूरा बजट ही खराब कर दिया। एक दम से इतना उछाल निश्चित रूप से हर वर्ग को परेशान कर रहा है। प्याज व लहसुन के दामों में उछाल से दाल में छौंक लगाना तक मुश्किल हो रहा है।
फेरी में तो और भी महंगी सब्जी
आलूथोक निवासी राधा गुप्ता का कहना है कि मंडी में जब सब्जियों के दाम चढ़ते हैं तो गलियों में तो दाम और चढ़ जाते हैं। फेरी वाले प्याज 80 रुपये तक बेच रहे हैं तो टमाटर 50 रुपये तक बेचा जा रहा है। इससे हर वर्ग परेशान हैं।
दावत कहां से करें
सिनेमा चौराहा निवासी अनुराग अवस्थी का कहना है कि इस बीच में जिनके यहां सहालग या अन्य ऐसे कार्य हैं जिनमें दावत करनी पड़ रही है, तो उन पर तो अतिरिक्त बोझ पड़ रहा है। इसके अलावा कदुआ आदि सब्जियां भी खोजने से भी नहीं मिल रहीं हैं।
अन्य खर्चों में हुई कटौती कर रहे
आवास विकास निवासी गोपाल का कहना है कि भोजन परिवार के बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक के लिए जरूरी है, इसलिए थाली को बनाए रखना है। सब्जी पर खर्च को देखते हुए अन्य खर्चों में मध्यमवर्गीय कटौती कर रहे हैं।
कुछ इस तरह से बताए गए रेट
हरदोई। बाजार में प्याज 60 से 70, लहसुन 220 से 240, आलू 25 से 30, भिंडी 50, शिमला मिर्च 60, सोया 40, तरोई 60, लौकी 30, परवल 120 रुपये प्रति किलोग्राम के हिसाब से बिक रहा है। सब्जी मंडी व्यापारियों की मानें तो स्थान परिवर्तन के साथ दामों में फेरबदल संभव है।