कोतवाली के गांव मीरगढ़ी में दो सगे भाइयों में खेत व मकान के बंटवारे को लेकर हुए झगड़े में एक युवक की मौत हो गई। शव को पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंप दिया गया है। पुलिस फरार आरोपियों की तलाश में लगी है।
गांव मीरगढ़ी निवासी लक्ष्मण सिंह व रामवीर सिंह सगे भाई हैं। लक्ष्मण सिंह गांव में ही खेती करते हैं, जबकि रामवीर सिंह एक्यूप्रेशर का इलाज करते हैं। रामवीर सिंह परिवार सहित दिल्ली में रहते हैं। खेत और घर के बंटवारे को लेकर काफी समय से दोनों के बीच विवाद चल रहा है। मामला थाना समाधान दिवस में भी पहुंचा था, लेकिन कोई समाधान नहीं हो सका।
लक्ष्मण सिंह ने खेत में पिपरमिंट की फसल बो रखी है। रविवार को रामवीर सिंह अपने बेटे निमेष, पत्नी विमलेश व अन्य लोगों के साथ लाठी डंडे, फावड़े आदि के साथ खेत पर आ धमका और लक्ष्मण सिंह की बोई हुई पिपरमिंट की फसल को उजाड़ने लगा। लक्ष्मण सिंह ने इसका विरोध किया तो सभी ने मिलकर उसकी पिटाई कर दी। सूचना पर लक्ष्मण सिंह की पत्नी सावित्री व बेटा विनीत (19) भी खेत पर पहुंच गए। आरोपियों ने मां-बेटा पर भी लाठी डंडे व फावड़े आदि से हमला कर दिया। आरोपियों ने तीनों को बेरहमी से पीटा। उन्हें बेहोशी की हालत में खेत में पड़ा छोड़ गए। सूचना पर पुलिस भी मौके पर पहुंच गई और ग्रामीणों के सहयोग से तीनों को गंभीर हालत में जेएन मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया। लक्ष्मण सिंह का बड़ा बेटा मनीष हरिद्वार में प्राइवेट नौकरी करता है। सूचना मिलने पर वह भी आ गया। विनीत की हालत गंभीर देख चिकित्सकों ने उसे दिल्ली रेफर कर दिया। जहां मंगलवार तड़के विनीत की मौत हो गई। विनीत साधू आश्रम स्थित संस्कृत महाविद्यालय में इंटरमीडिएट का छात्र था।
मनीष की तहरीर पर तीनों के खिलाफ मारपीट की रिपोर्ट दर्ज हुई थी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर हत्या की धाराओं में मुकदमा तरमीम किया जाएगा। आरोपी फरार हैं। पुलिस की टीमें उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दे रही है। आरोपी जल्द ही गिरफ्त में होंगे।- शिवप्रताप सिंह, सीओ
विनीत एबीवीपी के नगर सह मंत्री थे। यदि आरोपी 12 घंटे में नहीं पकड़े गए तो एबीवीपी कार्यकर्ता आंदोलन करेंगे।- बलदेव चौधरी, पूर्व प्रदेश मंत्री, एबीवीपी