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पाकिस्तान से आई वृद्धा की मौत

Fri, 04 Dec 2015 12:04 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो हरदोई
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हरदोई/कछौना। पाकिस्तान से अपने परिजनों से मिलने आई वृद्धा की तबियत खराब होने पर मौत हो गई। घटना से परिवार में कोहराम मच गया। मौत की सूचना पुलिस को दी गई। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। उनकी मौत से परिवार में मातम छाया हुआ है।
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पाकिस्तान के सिंध सूबे के कराची शहर में सिकंदराबाद थाना क्षेत्र लियाकलाबाद में रहनेवाले अब्दुल समद बंटवारे के समय पत्नी जैतुन (75) को लेकर पाकिस्तान चले गए थे। वहां उन्होंने सिलाई कढ़ाई का कारोबार कर लिया था जबकि समद के भाई अब्दुल रफूक और खुमान गांव में ही रहने लगे थ।

समद समेत तीनों भाइयों का इंतकाल हो चुका है। समद की पत्नी का मायका इसी गांव में है। इससे उनका गांव आना जाना लगा रहता था। वह इसी साल 27 अक्तूबर को अपने पुत्र शकूर के साथ वह ग्राम नेवाद गौसगंज निवासी शकूर की विवाहिता पुत्री आयशा पत्नी रियाज के घर आई थीं। वह यहां गांव में रह रहे अपने भाई नसीमुद्दीन और अलीमुद्दीन के घर भी मिलने गई थीं। परिजनों के अनुसार जैतुन को दस दिसंबर को वापस पाकिस्तान जाना था। मगर बुधवार की रात अचानक उनके सीने में तेज दर्द हुआ। इससे पहले परिजन उनको चिकित्सक के पास ले जाते उनकी मौत हो गई। घटना से परिवार में मातम छाया हुआ है।
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जहां गुजरा पचपन वहीं हुई सुपुर्देखाक
इंसान चाहे जहां चला जाए मगर जहां पर पचपन गुजरा वहां की याद उसके जेहन में हमेशा ही बनी रहती है। उसकी ख्वाहिश रहती है कि वह वहां पर बार बार जाए। इसी कारण जैतून भी हर वर्ष अपने के बीच पहुंच जाती थी। मगर यह किसी ने नहीं सोचा था कि जिस स्थान को छोड़ कर वह इतनी दूर चली गईं। उसी जमीन पर उनको सुपुर्देखाक किया जाएगा। उनका जहां पचपन गुजरा वहीं पर उनको दफन किया गया। दुखी मन से शकूर ने कहा कि जिस मां को लेकर वतन दिखाने आए थे। उनकेबगैर ही वापस होना पड़ेगा।

ट्रेन से किया था सफर
हरदोई। अपनों से मिलने आई जैतुम बेगम पाकिस्तान से रेलमार्ग से राजस्थान के पूनाभाऊ बार्डर से होते हुए अपने मुल्क आई थीं। परिजनों ने बताया कि यहां आकर वह बेहद खुश थीं।
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