हरदोई। दिन दूर नहीं जब पंचायतीराज विभाग के कर्मी विभागीय आला अधिकारी का फोन आने के बाद यह नहीं कह पाएंगे कि फील्ड पर हैं साहब, क्योंकि अधिकारी को पूछने से पहले ही पता लग जाएगा कि कर्मी अपने कार्य क्षेत्र में हैं या फिर फील्ड का नाम बता भ्रमित कर रहे हैं। शासन से संकेत मिलने के बाद मोबाइल ट्रैकिंग सिस्टम सबसे पहले जिला पंचायत राज विभाग करने की तैयारी में है।
अन्य योजनाओं की भांति ही जिला पंचायत राज विभाग ने गांव गांव स्वच्छ करने के लिए स्वच्छ भारत मिशन के तहत मुहिम चला रखी है। इस प्रोग्राम के तहत गांव गांव शौचालय बनवाए जा रहे हैं तो वहीं जिल स्तरपर तीन समन्वयक एवं ब्लाक स्तर पर 19 प्रेरकों को रखा गया है।
इन प्रेरकों व जिला समन्वयकों का कार्य गांव गांव जाकर लोगों को खुले में शौच न करने के लिए प्रेरित करना है और ज्यादा से ज्यादा शौचालयों का निर्माण करवाना है। इसको लेकर प्रेरकों को सुबह सवेरे ही अपने कार्य क्षेत्र में पहुंचने के निर्देश हैं।
विभागीय अधिकारियों की ही माने तो यह प्रेरक सुबह सवेरे क्षेत्रों में न जाकर दोपहर बाद ही क्षेत्रों में पहुंचते हैं और सुबह पूछे जाने पर फोन पर फील्ड में होने की बात कहने से नहीं चूकते हैं। यह स्थिति इस जिले की ही नहीं बल्कि प्रदेश के कई जिलों की है जिसके बाद निदेशालय की ओर से निर्णय लिया गया है कि अब हर जिले में मिशन का वार रूम तैयार किए जाने के बाद उसमें संबंधित प्रेरकों के मोबाइल ट्रैक कर उनकी मौजूदगी का पता भी लगाए जाने के निर्देश जारी किए गए हैं।
ट्रैकिंग सिस्टम लागू होने के बाद फायदा यह होगा कि सभी प्रेरक समय से गांव गांव पहुंचेंगे और लोगाें को खुले में शौच न करने के लिए प्रेरित करेंगे। इससे स्वच्छ भारत मिशन को लाभ मिलेगा। इस संबंध में जिला पंचायत राज अधिकारी चंद्रिका प्रसाद ने बताया कि वार रूम तैयार होने के बाद और इसमें कंप्यूटर आदि सभी उपलब्ध कराने के बाद इस ट्रैकिंग सिस्टम को लागू कराया दिया जाएगा।