बेहंदर। ग्राम पंचायत के ओडीएफ होने के बाद पंचायती राज विभाग ने ओडीएफ प्लस की ओर कदम बढ़ा दिए हैं। इससे ग्राम पंचायतों की स्वच्छता तो बेहतर होगी, वही ग्राम पंचायतों की आमदनी भी बढ़ जाएगी।
ओडीएफ प्लस के तहत ग्राम पंचायतों में कूड़ा निस्तारण का इंतजाम होगा। जहां जैविक और प्लास्टिक कूड़े अलग-अलग किया जाएगा। इसमें जैविक कूड़े से खाद बनाई जाएगी, जबकि प्लास्टिक व अन्य पदार्थों को बेच दिया जाएगा। इससे मिलने वाले रुपये भी ग्राम पंचायत के विकास कार्यों पर खर्च होंगे। ग्राम पंचायतों में किस प्रकार ठोस तरल पदार्थ एवम अपशिष्ट (एसएलडब्लूएम) प्रबंधन के जरिए आय बढ़ा सकती है। इसका मूल मंत्र प्रतिनिधियों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
सरकार की ओर से ओडीएफ प्लस को स्वच्छ भारत मिशन अभियान से जोड़ा गया है। अब तक स्वच्छ भारत मिशन के तहत खुले मे शौचमुक्त (ओडीएफ) ग्राम पंचायतें शामिल थी। अब ग्राम पंचायतों की गंदगी को गांव में ही निस्तारण करने का फार्मूला ओडीएफ प्लस के जरिए दिया गया है। इसके तहत हर घर के गंदे पानी का सही निस्तारण, गीले व सूखे कूड़े के जरिए जैविक खाद बनाना हर घर शौचालय का शत प्रतिशत उपयोग करना पशुओं के गोबर से गोबर उत्पाद बनाना जैसे कार्य कराएंगे। गांव को प्लास्टिक मुक्त बनाया जाएगा। ब्लॉक में पहले चरण मे दो ग्राम पंचायतें हसनापुर और अकबरपुर ताल्हु चयनित हुई थी। अब तीसरे फेज मे 47 ग्राम पंचायतों का चयन किया गया है।
ओडीएफ घोषित कराने के बाद अब ओडीएफ प्लस बनाने की दिशा मे कार्य किया जा रहा है। इसके तहत हर घर में शौचालय हर घर में कूड़े का निस्तारण का इंतजाम होगा। पहले दो ग्राम पंचायतें हसनापुर और अकबरपुर ताल्हु का चयन किया गया था। अब 47 ग्राम पंचायतों को शामिल किया गया है। इससे ग्राम पंचायतों की भी आय शुरू होगी, जिससे मिलने वाला रुपया ग्राम पंचायत के विकास कार्य में खर्च किया जाएगा।
- अविनाश वर्मा, एडीओ पंचायत