हरदोई। 10 रुपये क ा सिक्का अब विवाद कराने लगा है। दुकानदार ही नहीं बैंक भी 10 रुपये के सिक्के को नकली बताकर लेने से इनकार कर रहे हैं। ज्यादातर दुकानदार 15 लाइनों वाले सिक्के को नकली बताते हैं जबकि 10 और 15 लाइनों वाले दोनों ही तरह के सिक्के असली हैं। आए दिन होने वाले विवादों और शिकायतों के बाद भी न ही पुलिस ध्यान दे रही है और न ही अधिकारी। इससे अफवाह को लगातार बल मिल रहा है।
जिले भर में 10 को सिक्का नकली होने की अफवाह फैली है। इस अफवाह को बैंकों की लापरवाही और बल दे रही है। दरअसल बैंक भी दस रुपये का सिक्का लेने से इनकार करने लगे हैं। सिक्का न लेने की वजह से आए दिन कहीं न कहीं दुकानदारों और ग्राहकों में विवाद हो रहा है। कई जगह तो मामला मारपीट तक पहुंच गया।
शिकायतों अधिकारियों तक भी पहुंच रही हैं लेकिन वह इस मामले में ध्यान नहीं दे रहे हैं। शनिवार को अमर उजाला संवाददाता ने शहर में इसका जायजा लिया लेकिन किसी भी दुकानदार ने 10 रुपये का सिक्का नहीं लिया। बिलग्राम चुंगी के पास पान की दुकानदार चलाने वाले अनुज से सिगरेट लेकर 10 रुपये का सिक्का दिया गया।
अनुज ने सिक्का लेने से इनकार कर दिया। इसी तरह एसपी कार्यालय के सामने चाय कैंटीन चलाने वाले धनीराम, जिला अस्पताल के सामने चाट का ठेला लगाने वाले सौरभ, यहीं पर कैंटीन चलाने वाले विकास और एमजी रोड पर पाल की दुकान चलाने वाले राहुल ने 10 रुपये का सिक्का नहीं लिया। इन दुकानदारों का कहना था बड़े व्यापारी और बैंकें ही 10 रुपये का सिक्का नहीं लेते तो हम कहां चलाएंगे।
लीड बैंक मैनेजर नवीन कुमार ने बताया कि बाजार में मौजूद 10 रुपये के सभी सिक्के असली हैं। दरअसल 2014 के बाद ढाले गए सिक्कों में एक तरह अशोक की लाट और दूसरी तरफ 10 लाइनों के अलावा आर 10 लिखा है। 2014 के पहले ढाले गए सिक्कों में एक तरफ अशोक की लाट व दूसरी तरफ 10 के ऊपर 15 लाइनें बनी हैं। 15 लाइनें वाले सिक्के के नकली होने की अफवाह फैली है। ये सिक्का असली है। एलडीएम ने बताया कि अगर कोई बैंक 10 रुपये का सिक्का नहीं लेता है तो मुझे मोबाइल नंबर 09794994882 पर शिकायत करें।
10 रुपये के सिक्के न लेना अपराध की श्रेणी में आता है। अगर कोई दुकानदार और बैंक 10 रुपये का भारतीय सिक्का नहीं लेता है तो उसके खिलाफा कानूनी कार्रवाई कराई जाएगी। जिस भी ग्राहक से कोई दुकानदार सिक्का न ले वह मुझसे शिकायत करे। -विवेक वार्ष्णेय डीएम हरदोई
10 रुपये का सिक्का भारतीय मुद्रा है। इस सिक्को को न लेना अपराध की श्रेणी में आता है। इस मामलो को हमल दिखवाएंगे। जिला प्रशासन को कार्रवाई के निर्देश दिए जाएंगे। -भुवनेश कुमार, मंडलायुक्त लखनऊ
टड़ियावां थाना क्षेत्र के पेंग निवासी केदार का गांव के दुकानदार सोहन की दुकान से कुछ सामान लिया था। जिसमें दस रुपये का सिक्का दिया था। सोहन ने सिक्का नकली होने की बात कहते हुए लेने से मना कर दिया। इसी बात को लेकर दोनों के बीच विवाद चालू हो गया। जिसमें नौबत हाथापाई तक पहुंच गई।
ग्रामीणों ने दोनों को समझा बुझाकर शांत किया। कासिमपुर थाना क्षेत्र के गौसगंज कस्बा में हरीश की पान की दुकान है। पिछले सप्ताह कस्बे केअरुण ने दुकान पर पान खाया और दस रुपये का सिक्का दिया। हरीश ने सिक्के नकली बताते हुए लेने से इंकार कर दिया। इस पर विवाद हो गया।
शाहाबाद कोतवाली के कालागांडा गांव में देशराज की परचून दुकान पर भूरे ने सामान लिया था। देशराज ने दस रुपये का सिक्का नहीं लिया तो कहासुनी हो गई। शहर के मंगलीपुरवा फाटक पर सब्जी के दुकानदार से रेलवेगंज निवासी अनुराग ने 70 रुपये की सब्जी खरीदी। अनुराग ने दुकानदार को 50 का नोट व 10 रुपये के दो सिक्के दिए। दुकानदार ने सिक्के नहीं चलने की बात कहते हुए लेने से इंकार कर दिया। इससे दोनों के बीच काफी विवाद हुआ। इसके बाद दुकानदार ने सिक्के लिए।