नियुक्ति पत्र पा चुके गणित विज्ञान टीचरों की
ज्वाइनिंग की तिथि के खत्म होने का समय नजदीक आते ही धड़कने तेज होने लगी
हैं। टीचर ज्वाइनिंग को लेकर बीएसए व डीएम कार्यालय पर चक्कर लगा रहे हैं।
वहीं अफसर जांच की चलने की बात कहकर पल्ला झाड़ रहे है।
इसके अलावा जांच
अधिकारी अभी तक जांच रिपोर्ट नहीं दे सके हैं। इससे विभाग में प्रक्रिया
को लेकर चर्चाओं का दौर जारी है। ज्ञात हो कि जिले में जूनियर हाईस्कूल में
विज्ञान गणित के टीचरों की नियुक्ति प्रक्रिया में विभाग की ओर से मेरिट
सूची में गड़बड़ी सामने आई थी, जिस पर डीएम ने प्रक्रिया पर रोक लगा कर
एनआरएल के उपायुक्त को जांच सौंप दी थी।
पर इसके बाद भी बेसिक शिक्षा विभाग
की ओर से आवेदकों को नियुक्ति पत्र जारी कर दिए गए। जारी नियुक्ति पत्र
में 21 सितंबर की डेट दी गई और 10 दिन के अंदर ज्वाइन करना था। अन्यथा चयन
रद कर दिया जाएगा। नियुक्ति पत्र मिले के बाद आवेदक छह दिन से भटक रहे हैं।
रविवार को अवकाश होने के कारण अब उनकी ज्वाइनिंग सोमवार को ही हो सकती है,
पर अभी तक जांच पूरी नहीं हुई है। इससे उनको तय सीमा में ज्वाइनिंग
मिलते नहीं दिख रही है। इससे नियुक्ति पाए टीचर परेशान हैं। शनिवार को सभी
टीचर पहले बीएसए से मिले, जिस पर बीएसए ने बताया कि उन्होंने प्रक्रिया
पूरी कर दी है।
जिस पर सब डीएम से मिले। इस पर डीएम रमेश मिश्र ने कहा कि
जांच पूरी होने पर प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। इससे आवेदक आहत हैं और उनको कहीं
से सही जवाब नहीं मिल रहा है। उधर, जो आवेदक पात्र होने के बाद भी मेरिट
सूची से बाहर हैं, उन्होंने सीएम से शिकायत दर्ज कराई है।
जिले में कुल
मिलकर जूनियर टीचरों की नियुक्ति प्रक्रिया अधर में लटक गई है। इससे टीचरों
के भविष्य पर प्रश्न चिन्ह लग रहा है। उधर, मेरिट सूची में गड़बड़ी की दो
टीमें जांच कर रही है। जिसमें एक तीन बीईओ शामिल हैं। पर, अभी तक उन
लोगों ने जांच रिपोर्ट नहीं सौंपी है।
वहीं डीएम की ओर से एनआरएलएम के
उपायुक्त राजेश त्रिपाठी को जांच दी गई। शनिवार को राजेश त्रिपाठी ने बीएसए
कार्यालय पहुंच कर जांच शुरू की, पर अभी तक कोई भी जांच आख्या नहीं आई है।