राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद की जनपदीय शाखा की
विकास भवन में गुरुवार को हुई बैठक में 23 जुलाई को लखनऊ में होने वाली
रैली के बाबत रणनीति तय की गई और अधिक से अधिक संख्या में वहां चलने का
आह्वान किया गया।
इस दौरान बैठक को संबोधित करते हुए संरक्षक राजकुमार
कपिल ने कहा कि प्रदेश के समस्त लगभग 225 संवर्गों के राज्य कर्मचारियों की
समस्त मूलभूत समस्याओं के संबंध में उसी दिन सरकार को मांग पत्र प्रस्तुत
किया जाएगा। उन्होंने कहा कि विगत वर्षों में कर्मचारियों की मूलभूत जायज
समस्याओं पर उच्च स्तर के अधिकारियों के साथ तमाम बैठकों में सहमति के
बावजूद आदेश जारी न करने से प्रदेश के विकास में लगे हर संवर्गों के
कर्मचारियों एवं सरकार के मध्य अविश्वास पैदा हो रहा है।
इसी का नतीजा है
के परिषद लखनऊ में धरना-प्रदर्शन और रैली करने को बाध्य हो रही है।
उन्होंने बताया कि 23 जुलाई को लखनऊ में 10 सूत्रीय ज्ञापन सौंपा जा रहा
है, जिसमें राज्य कर्मचारियों को कें द्रीय कर्मचारियों की भांति समस्त
भत्तों की समानता प्रदान की जाए।
इसके अलावा नई पेंशन व्यवस्था को
समाप्त कर पुरानी पेंशन व्यवस्था बहाल करने, राज्य कर्मचारियों को आठ, 16
एवं 24 वर्षों की कुल सेवा के आधार पर पदोन्नति पद का ग्रेड वेतन देने,
प्रदेश के सभी राज्य कर्मचारियों के प्रदेश स्थित एसजीपीजीआई विभिन्न
चिकित्सा विश्वविद्यालयों के साथ संबद्ध चिकित्सालयों अन्य विभिन्न
संस्थानों आदि में प्रदेश के अस्पतालों के कर्मचारियों की भांति नि:शुल्क
चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाए।
हर संवर्ग की समस्याओं के लिए बैठक यथा
स्थित उच्च अधिकारियों से कराकर ज्ञापित समस्याओं का आदेश शीघ्रताशीघ्र एक
माह में कराने समेत 10 मांगों का ज्ञापन उसी दिन सरकार को दिया जाएगा। इस
मौके पर विमलेश बाजपेयी, परमेश्वरदीन, राजकुमार, मनीष तिवारी, अमित कुमार,
मंशाराम, सर्वेश कुमार, अनुज कुमार, अनीश अहमद, राजीव कुमार, धर्मपाल, देश
दीपक तिवारी और अकबर अली आदि मौजूद थे।