हरदोई। विकास, निर्माण व भुगतान में प्रारंभिक जांच में अनियमितता की पुष्टि पर डीएम ने शाहाबाद के पसिगवां के प्रधान व पंचायत सचिव को नोटिस जारी की है। 15 दिन में संतोषजनक जवाब न देने पर कार्रवाई की चेतावनी दी है।
पसिगवां निवासी वेदराम आदि की ओर से दिए गए शिकायती पत्र पर जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी व जल निगम के अधिशासी अभियंता की संयुक्त जांच में गड़बड़ी की पुष्टि हुई है। डीएम एमपी सिंह ने बताया कि जांच के परीक्षण में स्पष्ट हुआ कि वर्ष 2022-23 में 1500 पौधरोपण पर मनरेगा से 61,180 रुपये खर्च किए गए। मौके पर पौधे लगे नहीं मिले। ग्राम विकास अधिकारी पवन कुमार को दोषी बताया गया है। राजकुमार के परमबाबा स्थान से जंदेल की बोरिंग तक चकरोड पर मिट्टी कार्य के नाम पर 1,44,900 रुपये का भुगतान निकाला गया है। मौके पर काम नहीं मिला है। सीताराम के मकान के पास तालाब खोदाई का फर्जी काम दिखाकर प्रधान संतराम ने एक बार में 86,710 व दूसरी बार में 93,300 रुपये का भुगतान निकाला है। तालाब में पानी भरा होने से सत्यापन नहीं हो सका।
डीपीआरओ विनय कुमार सिंह ने बताया कि ऐसे ही हैंडपंप मरम्मत के नाम पर 1,80,000 रुपये, सामुदायिक शौचालय व पंचायत घर में बनवाए गए सार्वजनिक शौचालयों की हालत दयनीय मिली है। दोषी पाए जाने पर प्रधान संतराम व ग्राम विकास अधिकारी पवन कुमार को नोटिस जारी किया गया है।