वेतन, पेंशन और कर्मचारियों के वित्तीय देयकों के भुगतान की ऑनलाइन मॉनीटरिंग के लिए जिलाधिकारी द्वारा लांच किए गए दर्पण कार्यक्रम ने करीब एक साल बाद तेजी पकड़ ली है। मॉनीटरिंग में देयकों के भुगतान में विलंब की शिकायतें सही पाए जाने पर कार्यक्रम प्रभारी ने डीएम के माध्यम से चार अफसरों को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण तलब किया है। दो कार्यालयों के संबंध में डीएम को रिपोर्ट भेजी है। इन दो कार्यालयों पर भी कार्रवाई होना तय है।
दर्पण प्रभारी सुदेश दीक्षित ने बताया कि कार्यक्रम से अब तक 16 हजार कर्मचारी/अधिकारी/संविदा व मानदेय कर्मी जुड़ चुके है। इनके वेतन, पेंशन, मानदेय आदि देयकों की ऑनलाइन मॉनीटरिंग की जा रही है। इस कार्यक्रम के तहत शिकायत प्रणाली पर भी पांच सदस्यीय टीम द्वारा जांच कर रिपोर्ट डीएम को प्रेषित की जाती है।
इस क्रम में 4 प्रकरणों में देयकों केे विलंब के लिए वित्त एवं लेखाधिकारी बेसिक शिक्षा, 12 मामलों के लिए तहसीलदार संडीला, 2 मामलों के लिए तहसीलदार शाहाबाद और कर्मचारियों के वेतन के मामले में बीडीओ मल्लावां से डीएम के माध्यम से स्पष्टीकरण मांगा गया है।
इसके अलावा देयकों के विलंब के लिए राजस्व अनुभाग कलेक्ट्रेट एवं पंचायत राज विभाग की रिपोर्ट डीएम को भेजी गई है। इन दोनो कार्यालयों से भी स्पष्टीकरण तलब किए जाने की संस्तुति की गई। दर्पण प्रभारी ने बताया कि आज के अमर उजाला के अंक में प्रकाशित पेंशनर्स सत्यापन संबंधी खबर को संज्ञान में लेने के बाद जिलाधिकारी रमेश मिश्रा ने पेंशनर्स की सहायता के निर्देश दिए है।
डीएम के निर्देश पर पेंशनर्स के कोषागार से होने वाले सत्यापन कार्य संबंधी समस्याओं एवं सहायता के लिए दर्पण कार्यालय एनआईसी कलेक्ट्रेट परिसर में प्रत्येक कार्यदिवस में दोपहर 12 बजे से 1 बजे तक एक घंटे की हेल्पलाइन रहेगी।