हरदोई। लगभग 17 साल पहले हुए अजीत हत्याकांड में अपर जिला जज सपना त्रिपाठी ने दोषी युवक को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। 15 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। जुर्माना न देने पर दो माह की अतिरिक्त सजा काटनी होगी। इसी मामले में एक आरोपी को साक्ष्य के अभाव में बरी भी किया गया है।
शहर कोतवाली क्षेत्र के बहरा सौदागर पूर्वी लखनऊ रोड निवासी भगवानदीन ने कोतवाली शहर में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसमें बताया था कि उनकी बेटी कक्षा 11 व 12 में सन 2005 व 2006 में इसी मोहल्ला निवासी राजेश शर्मा के यहां कृष्णा साइंस इंस्टिट्यूट में ट्यूशन पढ़ती थी। राजेश शर्मा ने इसकी बेटी से एक बार अभद्रता की थी। इसकी शिकायत बेटी ने घर में की थी। इस पर उसके पुत्र अजीत कुमार (मृतक) व राजेश शर्मा में पहले फोन पर व बाद में आमने-सामने गाली-गलौज हुआ था।
राजेश ने अजीत को भविष्य में देख लेने की धमकी दी थी। 18 अप्रैल 2007 की रात लगभग आठ बजे कोई अजीत कुमार को घर से बुलाकर ले गया था। देर रात तक जब वह घर नहीं आया तो तलाश की, लेकिन कोई पता नहीं चला। 19 अप्रैल 2007 को कोतवाली शहर में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। 20 अप्रैल को अमर उजाला अखबार में पढ़ा कि 19 अप्रैल को एक क्षत-विक्षत शव कटैया गांव के पास रेलवे लाइन पर मिला है। इसका पोस्टमार्टम कोतवाली देहात पुलिस ने लावारिस के रूप में कराया था। कोतवाली जाकर कपड़े व चप्पल देखने के बाद अजीत की शिनाख्त की थी। 21 अप्रैल को मृतक की मां के मोबाइल पर किसी अज्ञात नंबर से कॉल आई।
कॉल करने वाले ने गाली दी और कहा कि पहले नहीं मानी अब रो रही हो। नंबर का पता लगाने पर पुलिस ने राजेश शर्मा के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज की थी। विवेचना में बस्ती जनपद के रिपुदमन त्रिपाठी का भी नाम सामने आया था। पुलिस ने दोनों के खिलाफ आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया था। मामले की सुनवाई पूरी कर अपर जिला जज सपना त्रिपाठी ने राजेश शर्मा को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। बस्ती जनपद के सोनहा थाना क्षेत्र के निवासी रिपुदमन त्रिपाठी को साक्ष्य के अभाव में बरी किया गया है।
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आत्महत्या का रूप देने को ट्रैक पर डाला था शव
ज्येष्ठ अभियोजन अधिकारी अमरेंद्र निरंजन ने कहा कि हत्या को साबित करने के लिए 15 गवाहों को पेश किया गया है। आरोपी अजीत को घर से बुलाकर बाइक पर बैठाकर ले गया था। इसके बाद दोनों ने हत्या करके हत्या को दुर्घटना का रूप देने के लिए शव को रेलवे ट्रैक पर फेंक दिया था। इसके बाद आरोपियों ने मृतक की मां के फोन पर कॉल करके गाली गलौज किया था। नंबर की जांच करने पर आरोपियों का पता चला था।