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नोट के लिए हाहाकार, बैंकें कराई बंद, हाईवे किया जाम

Thu, 01 Dec 2016 11:46 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो, हरदोई
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सिनेमा रोड पर एसबीआई एटीएम के सामने लगी भीड़ - फोटो : अमर उजाला
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हरदोई। नोटबंदी के बाद बैंकों में काफी समय से रुपये की मांग न पूरी हो पाने के बाद लाइन में लगे लोगों के सब्र का बांध अब टूटने लगा है। गुरुवार को भी जिले भर में गुस्साएं ग्राहकों ने बवाल किया। सवाजयपुर, बावन, पिहानी व शाहाबाद में बैंकों के शटर गिरा कर बैंक बंद कर दी गई तो हाईवे पर जाम लगाया। सूचना पर पहुंची पुलिस लोगों को समझा-बुझाकर एक से दो घंटे बाद जाम खुलवा पाई।  
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  शाहाबाद नगर में बस स्टैंड स्थित आर्यावर्त ग्रामीण बैंक में तालाबंदी से उत्तेजित लाेगाें ने हंगामा करते हुए शाहजहांपुर-हरदोई हाईवे जाम कर नारे लगाए। सूचना पर पहुंचे एसडीएम दिलीप कुमार त्रिगुणायत सीओ अरविंद कुमार वर्मा, कोतवाल विनोद कुमार सिंह ने मौके पर पहुंचकर लोगों को शांत कर 12 बजे बैंक खुलवाया। शाखा प्रबंधक आरएस अग्निहोत्री सूचना मिलने पर दोपहर एक बजे बैंक आए। इस पर एसडीएम ने बैंक में तालाबंदी अपनी नाराजगी जाहिर की। भुगतान की समस्या के समाधान के लिए उन्हंे नगर की स्टेट बैंक से 17 लाख की धनराशि दी गई है। इसके बाद लाेग  शांत हुए। सीओ ने ग्राहकों को टोकन वितरण करने की व्यवस्था कराई। नगर की प्रमुख बैंकों में खाता धारकों के अलावा पेंशन व सैलरी निकालने वालों की काफी भीड़ रही।
पिहानी में आर्यावर्त ग्रामीण बैंक की शाखा में गुरुवार को आया कैश ऊंट के मुंह में जीरा साबित हुआ। चंद ग्राहकों में वितरण के बाद भुगतान बंद हो गया। इससे लाइन में लगे लोग भड़क गए और उन्होंने नई बस्त से बंदर पार्क जाने वाले रोड पर हंगामा करना शुरू कर दिया। भीड़ ने बैंक का शटर गिराकर स्टाफ को अंदर बंद कर दिया और नारेबाजी करने लगे। मौके पर तैनात पुलिस कर्मियों ने पुलिस फोर्स बुला लिया। चौकी प्रभारी संतोष कुमार पुलिस फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे और उत्तेजित लोगों को शांत करवा कर बैंक का शटर खुलवाया। शाखा प्रबंधक आर्यमणि मिश्रा ने कहा कि जितना कैश मिल रहा है उसे भुगतान कर दिया जाता है। हालांकि यह इतना कम होता है कि लाइन के बीच तक पहुंचते- पहुंचते खत्म हो जाता है। बताया कि गुरुवार को केवल एक लाख रुपये ही मिले, जो चंद ग्राहकों में ही खत्म हो गया।
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बावन कस्बे की ग्रामीण बैंक ऑफ आर्यावर्त की शाखा में पिछले तीन दिन से ग्राहकों को कैश नहीं मिल रहा है। खेती, घरेलू कामकाज, बीमारी और दवाओं जैसी मुख्य जरूरतों के लिए भी लंबी-लंबी लाइनों में लगने के बाद भी रुपया ना मिलने से ग्राहक मायूस थे। गुरुवार को भी जब सैकड़ों की तादाद में महिला और पुरुष ग्राहक बैंक पहुंचे तो पता चला की  बैंक में पैसा नहीं आया है। इतना सुनते ही बैंक के ग्राहक गुस्से में तिलमिला गए और महिलाओं ने शटर बाहर से गिरा दिया। बैंक कर्मियों की सूचना पर कस्बा पुलिस चौकी प्रभारी इरशाद अली मौके पर पहुंचे और ग्राहकों को समझा कर शटर खुलवाया। इस दौरान ग्राहकों ने  बैंक कर्मियो पर पक्षपात का आरोप लगाया। ग्राहक अरमान, गंगाबख्श, दिनेश, सुमिता,  अजयपाल, डालचन्द, मुकेश सिंह,  शिवकरन, सचिन सिंह ने बताया कि कई दिनों से बैंक के चक्कर लगाने के बावजूद भी रुपया नहीं मिल रहा। बैंक मैनेजर शादाब अली ने बताया की शाखा को हफ्ते में दो-तीन बार रुपया मिलता है। तीन दिन के बाद केवल चार लाख रुपया मिला है जो  ग्राहकों को दिए जा रहे हैं।
सवायजपुर कस्बे में गुरुवार को बैंक ऑफ बड़ौदा व आर्यावर्त ग्रामीण बैंक में भुगतान लेने आए ग्राहकों के साथ मनरेगा मजदूर पेंशन लेने आयी वृद्ध महिलाएं भुगतान न मिलने से आक्रोशित हो गईं। दोनों बैंक से  सैकड़ों की तादाद में लोग हाईवे पर आ गए और जाम लगा दिया।  मौके पर मौजूद सिपाही राजकुमार ने पूरे मामले की सूचना एसडीएम व कोतवाल को दी। यातायात ठप हो गया। एसडीएम सवायजपुर वंदना त्रिवेदी ने जाम लगाए लोगों काे समझाकर जाम खुलवाया। लोनार कोतवाल  एके राय के देर से पहुंचने पर उन्होंने नाराजगी जताई। एसडीएम ने आर्यावर्त बैंक जाकर मैनेजर को जमा करने वाले ग्राहकों की लाइन लगवा रुपया जमा कराने को कहा।
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