हरदोई। नोटबंदी के बाद जिले में 150 करोड़ रुपये के पुराने नोट बदले गए और लोगों ने 1500 करोड़ रुपया खातों में जमा किया। 50 दिनों में 1650 करोड़ रुपये के पुराने नोट बैंकों में पहुंचे जबकि 700 करोड़ रुपये के नए नोट जिले में आए। जमा धनराशि के आधे से भी कम कीमत के नोट आने के कारण ही बैंकों में मारामारी रही।
केंद्र सरकार ने 8 नवंबर 2016 को 1000-500 के पुराने नोट बंद करने की घोषणा की इन नोटों को जमा करने के लिए 50 दिन यानि 30 दिसंबर तक समय दिया गया। जिले की 26 बैंकों की 298 बैंक शाखाओं में नोटबंदी के बाद से भीड़ जुटनी शुरू हुई। लोगों ने 1000-500 के पुराने नोट बदलने और इन्हें जमा कराने के लिए बैंक में लंबी-लंबी लाइन लगाई।
आरबीआई ने जिले की बैंकों के करेंसी चेस्ट को धीरे-धीरे रुपये उपलब्ध कराए। इस दौरान ज्यादातर बैंकों में रुपये निकालने से ज्यादा रुपये बदलने वालों की भीड़ दिखाई दी। 8 से 24 नवंबर 2016 तक करीब 150 करोड़ रुपये बदले गए। इसके अलावा पुराने नोट जमा कराने वालों की भीड़ अच्छी खास भीड़ बैंकों में दिखाई दी। बैंकों में सुबह से लेकर देर शाम तक लोगों भीड़ लगी।
जिले भर की सभी बैंकों में लोगों ने करीब 1500 करोड़ रुपये 1000-500 के पुराने नोट जमा कराए गए। इन 50 दिनों में आरबीआई ने बैंकों की करेंसी चेस्ट को 700 करोड़ रुपये ग्राहकों को बांटने के लिए दिए। इनमें दो हजार, 500, 100 और 50 रुपये के नए नोट शामिल थे। आरबीआई से लगातार पैसा न मिलने के चलते लोगों को रुपये निकालने में कुछ दिक्कत जरूर हुई है, लेकिन अब सब कुछ सामान्य हो गया है।
आरबीआई ने सभी बैंकों को 8 से 30 नवंबर तक का सीसीटीवी फुटेज रखने का निर्देश दिया है। सभी बैंक अधिकारियों से 10 जनवरी तक ब्योरा मांगा है। इस दौरान बैंकों में हुए लेनदेन और रिकार्ड की जानकारी मांगी है।