किसान लल्ला सिंह की गन्ना खरीद पर्ची उसकी मौत के बाद और मुश्किल में फंस गई है। मृत्यु प्रमाण पत्र मिलने पर गन्ना समिति वारिस के नाम नई खरीद पर्चियां जारी करेगा। शनिवार को अधिकारी वोटों की गिनती में व्यस्त रहेंगे, उसके बाद छुट्टी है। मृत्यु प्रमाण पत्र बनने में ही 10 दिन से अधिक लग जाएंगे। ऐसे में किसान के गन्ना की खरीद कम से कम पंद्रह दिन बाद ही हो पाएगी।
हरियावां थाना क्षेत्र के उतरा गांव के किसान लल्ला सिंह पुत्र दृगपाल ने करीब 20 बीघे में गन्ने की फसल बोआई की थी। खेतों में गन्ना सूख रहा है, लेकिन उसे मिल से तौल की पर्चियां नहीं मिल रही थी। इससे परेशान होकर लल्ला ने बुधवार को खेत पर ही फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली थी। गुरुवार को कानूनगो दीनदयाल और लेखपाल राजीव शुक्ल ने घर जाकर मृतक किसान की पत्नी व बेटों के बयान दर्ज किए। पत्नी ने बताया कि मात्र पांच पर्चियां ही मिली थीं। पर्चियां न आने के कारण लल्ला ने कुछ गन्ना चीनी मिल के बाहर दलालों के हाथ भी बेचा था। करीब 1.20 लाख रुपये बैंक का कर्ज भी चुकाना था। पर्ची न मिलने से खेत में गन्ना सूख रहा है। इसी चिंता ने किसान को फांसी लगाने पर मजबूर कर दिया।
लल्ला की मौत से उसकी गन्ना तौल पर्ची और मुश्किल में फंस गई है। चूंकि किसान लल्ला की मौत हो चुकी है इसलिए उसके नाम की खरीद पर्ची अभी नहीं आ सकती है। गन्ना सुपरवाइजर रविंद्र मिश्र ने बताया पहल्ले लल्ला के वारिस का नाम गन्ना सोसाइटी में दर्ज होगा। इसके बाद ही खरीद पर्ची जारी करेंगे। इसके लिए परिवार के लोगोें को पहले पंचायत सचिव से किसान का मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाना पड़ेगा। मृत्यु प्रमाण पत्र देने के बाद ही सोसाइटी वारिस का नाम दर्ज करेगी। चीनी मिल जीएम के प्रदीप त्यागी ने कहा कि वह बाहर हैं। पंचायत सचिव अमित ने बताया मृत्यु प्रमाण पत्र बनने में हफ्तेभर का समय लगता है।
कर्ज अदायगी व पढ़ाई की चिंता सता रही
किसान लल्ला सिंह के शव का बुधवार शाम को ही अंतिम संस्कार कर दिया गया। ग्राम प्रधान मुन्नी सिंह ने पीड़ित परिवार के घर पर खाना भेजा। लल्ला पर ग्रामीण बैंक आफ हरियावां का 65 हजार और ग्रामीण बैंक आर्यावत पिहानीचुंगी का 60 हजार रुपये कर्ज है। पत्नी को बेटों, बेटी की पढ़ाई के साथ कर्ज चुकाने की भी चिंता खाए जा रही है।
न किसान नेता पहुंचे और न ही अफसर
गन्ना किसान लल्ला की मौत के दूसरे दिन भी कोई किसान नेता नजर नहीं पहुंचा। इसके अलावा जिला प्रशासन और गन्ना विभाग का भी कोई अधिकारी परिवार का हाल जानने नहीं गया।
उतरा के ज्यादातर किसान परेशान
उतरा गांव के ज्यादातर किसान परेशान हैं। सुशीला ने बताया कि 12 बीघे गन्ना खेत में खड़ा है लेकिन अभी तक एक भी पर्ची नहीं आई है। भगवान शरण का पांच बीघे, रमेश पुत्र रामपाल का 10 बीघे, रामसागर का 12 बीघे, रघुवीर सिंह का 15 बीघे, राम निवास का 20 बीघे गन्ना खड़ा है।अब तक केवल एक पर्ची ही आई है। आशाराम ने 25 बीघे गन्ना बोया था, मंगलवार को आग लगने 10 बीघा जल गया। रघुवीर का भी नौ बीघे गन्ना जल गया है।
अप्रैल तक गन्ना खरीद की जाएगी
किसान लल्ला सिंह को गन्ना समिति से 17 पर्चियां भेजी गई थीं। इसका गन्ना खरीद कर एक लाख रुपये भुगतान भी किया जा चुका है। किसानों को पर्चियां भेजी रही हैं, अप्रैल तक गन्ना खरीद की जाएगी। -संजय कुमार जिला गन्ना अधिकारी